इटारसी। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय इटारसी में उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन भोपाल के निर्देशानुसार 26 जुलाई 2025 को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य पर कारगिल युद्ध के नायकों की बहादुरी और वीरता को स्मरण करते हुए 26वां कारगिल विजय दिवस पर परिचर्चा एवं डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शनी कार्यक्रम आयोजित किए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय छात्रा प्रदीप कौर, आरती पांडे, हिमांशी यादव द्वारा शहीदों को याद करते हुए कारगिल विजय की घटनाओं से रूबरू कराया। छात्र गौरव इंगले द्वारा कारगिल विजय से संबंधित कविता पाठ किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ राकेश मेहता ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने लद्दाख में कारगिल की बर्फीली चोटियों पर लगभग तीन महीने तक चले युद्ध के बाद विजय की घोषणा करते हुए ऑपरेशन विजय की सफल परिणति की घोषणा की।
उस कठिन परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना कर अपने अदम्य साहस का परिचय देकर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। यह दिन हमारे जवानों के असाधारण पराक्रम, साहस और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। राष्ट्र के लिए उनका समर्पण और सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने अंत में कविता
ऊँची है चोटी, जंगी है राहें,
फहराया तिरंगा, वीर जवानों की बाहें।
हिमगिरी की चोटियों पर, बलिदान का निशान,
विजय पताका फहराई, भारत माँ का अभिमान।
दुश्मन था घात लगाए, ऊँची थी दीवारें,
फिर भी ना डरे, ना झुके, वीर जवान हमारे।
खून से सींची, धरती माँ की, ये वीरगाथा,
कारगिल की ऊंचाइयों पर, लहराई विजय पताका।
के माध्यम से देश के सपूतों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो ओपी शर्मा, प्रो अरविंद शर्मा, प्रो रश्मि तिवारी एवं डॉ राजेश कुमार हरियाले द्वारा अपने वक्तव्य में शहीदों को शब्द सुमन अर्पित किए। परिचर्चा के उपरांत डॉ दिनेश ने कारगिल विजय दिवस पर आधारित डॉक्युमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ मनीष कुमार चौरे ने किया।








