चाहने वालों को असहज कर सहजता से चले गये प्रशांत

चाहने वालों को असहज कर सहजता से चले गये प्रशांत

– नर्मदांचल में चहेते हैं, आज भी हो रही है लोगों की आंखें नम
मदन शर्मा, नर्मदापुरम। एक ऐसी शख्सियत जो न सिर्फ सरल व सहजता के धनी थे बल्कि लोगों के दिलों में राज कर रहे थे, प्रशांत दुबे। नर्मदांचल (Narmadanchal) के लोगों के दिलों में राज करने वाले प्रशांत, स्वयं के दिल की देखभाल नहीं कर सके और अपने चाहने वालों को असहज करके सहजता से इस दुनिया से रुखसत हो गये। आज भी उनके हजारों चाहने वालों की आंखें नम हैं। नर्मदापुरम (Narmadapuram) और इटारसी (Itarsi) में उनको आज श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि सभा में जिले के इटारसी और नर्मदापुरम के पत्रकार, राजनेता, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा (MLA Dr. Sitasaran Sharma) ने नर्मदापुरम के पीपल चौक (Peepal Chowk) पर श्रद्धांजलि सभा में कहा, प्रशांत सहज, सरल होने के साथ अच्छे नागरिक भी थे। उनका असमय जाना पत्रकारिता, नगर या जिले नहीं बल्कि समाज की अपूर्णीय क्षति है। विधायक ने कार्यक्रम में मौजूद नर्मदापुरम नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव से कहा कि पीपल चौक का नाम प्रशांत दुबे के नाम पर हो।

पत्रकार भवन का नामकरण

पीपल चौक पर स्थित पत्रकार भवन का नाम भी विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने दिवंगत प्रशांत दुबे के नाम पर करने की इच्छा जतायी और पांच लाख रुपए से इसे संवारने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह काम एक वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाएगा।दिवंगत प्रशांत दुबे के भाई संजीव दुबे ने कहा कि मैंने कोरोनाकाल में प्रशांत की जीवटता देखी है। वे केवल एक मास्क के भरोसे सेवा कार्य में जुटे रहे। विधाता न जाने क्यों हमसे रूठ गया। हमसे या परिवार से ऐसी क्या गलती हुई कि हमारा प्रशांत हमसे छीन लिया। उन्होंने संपूर्ण नर्मदांचल के लोगों से प्रशांत को मिले स्नेह को ही सबसे बड़ा पुरस्कार बताते हुए सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।

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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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