इटारसी। नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को रामनवमी पर पूरा शहर श्रद्धा से सराबोर रहा। सुबह से ही देवी मंदिरों में दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। जगह-जगह हवन-पूजन, कन्या भोज व भंडारे के आयोजन किए गए। इसमें प्रसाद पाने को खासी भीड़ रही। शहर में रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। घरों व मंदिरों में आयोजित हवन में श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालीं। नवरात्र के अंतिम दिन कन्याभोज के साथ मां जगदंबा को विदाई दी गई। लोगों ने पुण्य कमाने के लिए भंडारों का आयोजन किया।
श्री बूढ़ी माता मंदिर में भक्तों का मेला
आज रामनवमी के पावन पर्व पर श्री श्री बूढ़ी माता मंदिर शक्तिधाम मालवीयगंज में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही। हजारों श्रद्धालु मातारानी के दर्शन करने पहुंचे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का मेला लगा रहा। शाम को यहां कन्याभोज का आयोजन किया। मातारानी के दर्शन के लिये मंदिर समिति ने बेहतर व्यवस्था की है। मंदिर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश मालवीय ने पूरी समिति के साथ परिसर में उपस्थित रहकर सारी व्यवस्था की देखरेख की है।
श्री शीतला माता मंदिर में भंडारा
नेहरुगंज में स्थित श्री शीतला माता मंदिर में वर्ष में दो बार भंडारा होता है और शहर के हजारों लोग यहां भोजन प्रसादी लेने के लिए पहुंचते हैं। मंदिर समिति के सदस्य प्रेम से प्रसादी वितरण करते हैं। यह एक ऐसा मंदिर है, जहां व्यापारी, नेता, वकील, कर्मचारी, पत्रकार, कलाकार आदि हर वर्ग के लोग श्रद्धा से भोजन प्रसादी पाने के लिए पहुंचते हैं। यहां भक्तों को कुछ देर विश्राम के लिए कुर्सियों और धूप से बचाव के लिए टेंट की व्यवस्था की जाती है। साल पडऩे वाली दोनों नवरात्रि में यहां नवमी तिथि पर भंडारा होता है। इसके अलावा अनेक जगहों पर आज भंडारे हुए।
जवारे निकाले गये
नवमी तिथि को शहर में एक दर्जन से अधिक स्थानों से जवारे निकाले जाते हैं। आज वाद्ययंत्र टिमकी के साथ ही अनेक स्थानों से जवारे निकाले गये और जलस्रोत में उनका विसर्जन किया। जगह-जगह लोगों ने पूजा अर्चना की।
श्री शतचंडी महायज्ञ का समापन

ग्राम सोनतलाई स्थित मां कात्यायनी मंदिर में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी नवरात्रि के प्रथम दिन से शतचंडी महायज्ञ का आयोजन ग्रामवासियों द्वारा किया जा रहा था। आज रामनवमी के अवसर पर महायज्ञ कर शतचंडी महायज्ञ का समापन किया। शाम छह बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जो रात्रि 11 बजे तक चलेगा। श्री शतचंडी महायज्ञ के दौरान श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा था।










