इटारसी। रेलवे स्टेशन के सामने जीआरपी प्रांगण में स्थित श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर परिसर में सात दिनों से चल रहे श्री विष्णु महायज्ञ का पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया।
इस अवसर पर जीआरपी के थाना प्रभारी विभेन्दु व्यंकट टांडिया सपरिवार उपस्थित थे। यज्ञ के आचार्य पं. अशोक भार्गव, रामस्वरूप मिश्रा, दीपक मिश्रा, आकाश तिवारी, चेतन महादेव सहित कर्मकांडी ब्राह्मणों ने पूर्णाहुति संपन्न कराई। पूर्णाहुति के अवसर पर श्री राम कथा एवं भागवत कथा के प्रवचन करता आचार्य नरेंद्र शास्त्री विशेष रूप से मौजूद थे। ज्ञात हो कि यह यज्ञ प्रारंभ कराने का श्रेय तत्कालीन थाना प्रभारी यूके दीक्षित को जाता है, जो अनुविभागीय अधिकारी पुलिस होकर सेवानिवृत्त हुए। वे पूरे परिवार सहित विष्णु महायज्ञ में शामिल होते हैं।
विष्णु महायज्ञ के समापन समारोह के अवसर पर पंडित दीपक मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव पालनहार और संहारक दोनों ही हैं। शिव के बिना सृष्टि अधूरी है। देवताओं में केवल शिव ही ऐसे हैं जो जहर को अपने कंठ में रख सकते हैं। भगवान शिव कैलाश के वासी होकर औघड़ दानी है। पूरी दुनिया में अकेले भारत में भगवान शिव के लिंग स्वरूप के 12 ज्योतिर्लिंग है। जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष आते जाते हैं और भगवान शिव उनकी मनोकामना पूरी करते हैं। वर्तमान की सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी ने बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर एवं उज्जैन के महाकाल मंदिर का जो कायाकल्प कराया। उसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। सनातन धर्म की रक्षा के लिए राज्य की सरकार को कार्य करते रहना चाहिए।
उन्होंने विक्रमादित्य का उदाहरण देते हुए कहा कि वे राजा होते हुए भी प्रजा के सुख दुख के लिए प्रतिदिन नगर भ्रमण करते थे। भगवान शिव के उपासक थे और उज्जैन नगरी जहां सांदीपनि आश्रम है और भगवान कृष्ण ने बलराम, के साथ यहीं पर शिक्षा ग्रहण की। आचार्य दीपक मिश्रा ने कहा कि श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर के इस आयोजन में श्रद्धालु लोगों ने सहयोग किया। इसीलिए 28 वे वर्ष का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने दानदाताओं का एवं सहयोगियों का भी आभार व्यक्त किया। पंडित दीपक मिश्रा ने कहा कि मेरे पूज्य पिताजी श्री राम स्वरूप मिश्रा ने इस मंदिर की स्थापना से लेकर आज तक निरंतर भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना की। इसीलिए प्रतिवर्ष विष्णु महायज्ञ अच्छे ढंग से सफल होता है।








