सिवनी मालवा। आस्था और विश्वास का संगम जब जन-शक्ति से मिलता है, तो जर्जर दीवारें भी भव्य मंदिरों का रूप ले लेती हैं। कुछ ऐसा ही दृश्य सिवनी मालवा के हृदय स्थल में स्थित प्राचीन राम मंदिर में देखने को मिल रहा है। वर्षों पुराने इस सिद्ध स्थान का अब कायाकल्प हो रहा है, जहां जल्द ही प्रभु श्री राम का दरबार एक नए और भव्य स्वरूप में सजेगा।
प्राचीनता और आस्था का केंद्र
यह मंदिर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि नगरवासियों की अटूट श्रद्धा का केंद्र है। मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी और राम दरबार की प्रतिमाएं वर्षों से भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही हैं। यहां का विशाल पीपल वृक्ष और दिव्य वातावरण श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है। समय के थपेड़ों से मंदिर की दीवारें जर्जर हो चली थीं, जिसे देखते हुए नगर के धर्मप्रेमियों ने इसके जीर्णोद्धार का संकल्प लिया।
भक्ति और श्रम का संगम
डॉ. नीतेश जैन, नरेंद्र मोड, दिनेश शर्मा और राजू मोदी जैसे समर्पित श्रद्धालुओं की टोली ने इस मंदिर को पुन: उसका गौरव लौटाने का बीड़ा उठाया है। वर्तमान में निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। डॉ. नीतेश जैन ने बताया कि चूंकि यह मंदिर बाजार क्षेत्र के मध्य में स्थित है, यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। मंदिर की स्थिति को देखते हुए इसे भव्य रूप देने की योजना बनाई गई थी, जो अब जन-सहयोग से मूर्त रूप ले रही है।
राम नवमी पर प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी
समिति का लक्ष्य है कि आने वाली राम नवमी तक मंदिर का निर्माण पूर्ण कर लिया जाए और विद्वान पंडितों के सानिध्य में भव्य पूजा-अर्चना के साथ ‘राम दरबार’ की नई प्रतिमाएं स्थापित की जाएं। मंदिर में प्रति मंगलवार और शनिवार को होने वाले रामायण पाठ में सैकड़ों भक्त जुटते हैं, जो इस स्थान की जीवंतता का प्रमाण है।
सहयोग की अपील, बूंद-बूंद से बनता है सागर
मंदिर निर्माण का यह पुनीत कार्य पूर्णत: जन-सहयोग पर आधारित है। आयोजन समिति ने समस्त धर्म प्रेमी जनता और समाजसेवियों से भावुक अपील की है कि वे इस धर्म-यज्ञ में अपनी सामथ्र्य अनुसार आहुति दें।









