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सावन में प्रकृति खुद करती है भोलेनाथ का अभिषेक

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सावन के दूसरे दिन काले महादेव मंदिर में धूमधाम से हुई भगवान की भस्म आती

होशंगाबाद। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में सेठानीघाट स्थित भोलेनाथ का मंदिर हैं। जहां हर दिन भगवान भोलेनाथ को अलग अलग रूपों में देखा जाता है। सबसे खास बात भोलेनाथ के इस प्राचीन मंदिर में कई सालों से सावन के महीने में प्रकृति खुद इनका अभिषेक करने यहां आती है। जी हां..यह सत्य है। गोलघाट स्थित कालेमहादेव धार्मिक नगरी होशंगाबाद की आस्था का केंद्र हैं।

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कहा जाता है कि सावन के महिने में एक बार प्रकृति भी महादेव का जलाभिषेक करती है। यहां पर पूरे सावन (Savan) भर भगवान की भस्म आरती सुबह चार बजे से की जाती है। प्रतिदिन भगवान का अलग अलग रूपों में श्रृंगार किया जाता है।

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उज्जैन की तर्ज पर मनाया जाता है त्योहार
कालेमहादेव मंदिर में पिछले कई सालों से उज्जैन की तर्ज पर शिवरात्रि, महानवरात्र मनाया जा रहा है। इसके अलावा त्योहारों के अनुसार महादेव का श्रृंगार किया जाता है। साथ ही उज्जैन के मंदिर की तर्ज पर शहर के इस मंदिर का निर्माण भी किया गया है। सावन को लेकर मंदिर में रोज भगवान की भस्मआरती की जाती है।

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1840 में रखी गई थी नींव
1840 में इस मंदिर की नींव रखी गई थी। गोलघाट स्थित इस स्थान पर पहले एक चबूतरे पर शिवलिंग और नंदी महाराज की प्रतिमा हुआ करती थी। धीरे-धीरे इसे मंदिर का स्वरूप दिया गया। तीस साल पहले संतोष शर्मा ने महादेव की सेवा की।

दूसरे सोमवार

पंचामृत अभिषेक, सुगंधित द्रव्य, भोग आरती*

प्रात: – 4.00बजे

1) रूद्राभिषेक
2) श्रृंगार_दर्शन
3) भस्म_आरती

2) श्री अर्धनारीश्वर श्रृंगार_दर्शन
3) संध्या_आरती

 

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