इटारसी। सोमवार, 22 सितंबर से मां दुर्गा का आगमन होने वाला है। पूरे दस दिनों के लिए शहर शक्ति की भक्ति में डूब जाएगा। घर-घर में मां भगवती की सेवा और आराधना की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर में 100 से भी ज़्यादा जगहों पर मां भगवती, महाकाली, देवी सरस्वती, साईंबाबा और भगवान भोलेनाथ की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इन दस दिनों में सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि गरबा और भक्ति संगीत के कार्यक्रमों से भी मां को रिझाया जाएगा।
मां की सेवा : कैसे करें पूजा और व्रत
नवरात्रि में मां भगवती की पूजा का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं कि इस दौरान हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं-
- क्या लगेगा पूजा में? : मां की पूजा के लिए कुछ विशेष सामग्री की आवश्यकता होती है। इनमें रोली, अक्षत, धूप, दीप, अगरबत्ती, फूल, माला, फल, मिठाई, गंगाजल और वस्त्र शामिल हैं। इसके अलावा, घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश, जौ, नारियल, आम के पत्ते और लाल कपड़ा भी जरूरी है।
- क्या न करें? : नवरात्रि के दौरान तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन और मांसाहार का सेवन बिल्कुल न करें। शराब और तंबाकू जैसी चीजों से भी दूर रहें। इन दिनों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और घर में शांति का माहौल बनाए रखें।
- व्रत का : नवरात्रि के व्रत सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक भी हैं। इन व्रतों से शरीर को डिटॉक्सिफाई (विषहरण) करने में मदद मिलती है। हल्का और सात्विक भोजन खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और मन शांत रहता है।
घट पूजन और अखंड ज्योति का महत्व
नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना का विशेष मुहूर्त होता है। यह पूजा मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की शुरुआत होती है। घटस्थापना के साथ ही कई भक्त अखंड ज्योति भी प्रज्वलित करते हैं।
अखंड ज्योति के फायदे
माना जाता है कि अखंड ज्योति जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह घर से नकारात्मकता को दूर करती है और मां दुर्गा का आशीर्वाद घर के सभी सदस्यों पर बना रहता है। यह हमें यह भी याद दिलाती है कि जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए और हमेशा लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।
गरबा और भक्ति संगीत से मनाएंगे मां को
गुजरात की धरती से शुरू हुआ गरबा नृत्य अब पूरे देश में, खासकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है। इटारसी शहर में भी जगह-जगह गरबा के कार्यक्रम होंगे, जहां भक्त मां की भक्ति में झूमते हुए नजर आएंगे। इन दस दिनों में भक्ति संगीत की गूंज हर गली और मोहल्ले में सुनाई देगी। यह संगीत सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मां के प्रति हमारी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करने का एक तरीका है।
देवीधाम सलकनपुर की पदयात्रा
नवरात्रि के दौरान देवीधाम सलकनपुर के लिए मां विजयासन के भक्तों की पदयात्रा भी निकलेगी। रास्ते में जगह-जगह फलाहारी भंडारे लगाए जाएंगे, जहां भक्तों को फलाहार और जलपान की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, चिकित्सा सहायता के लिए भी व्यवस्था की जाएगी ताकि कोई भी भक्त परेशान न हो। यह दस दिन सिर्फ पूजा-पाठ के नहीं, बल्कि एकजुटता, भक्ति और सेवा भाव के भी हैं। पूरा इटारसी शहर मिलकर मां दुर्गा का स्वागत करने के लिए तैयार है।
देवी और घट स्थापना मुहूर्त
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि में मां भगवती की प्रतिमा और घट स्थापना के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त हैं।
* घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ : यदि आप घटस्थापना के साथ ही माता की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, तो यह नवरात्रि के पहले दिन सोमवार, 22 सितंबर 2025 को किया जाएगा।
- शुभ मुहूर्त : सुबह 06:09 बजे से सुबह 08:06 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11: 49 बजे से दोपहर 12: 38 बजे तक।









