इटारसी। श्री महावीर जैन समिति सकल जैन समाज इटारसी ने तहसीलदार कार्यालय द्वारा कराए हालिया सीमांकन को पूरी तरह अवैध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति ने दावा किया है कि सीमांकन द्वारा करोड़ों रुपए मूल्य की शासकीय एवं लीज पर दी गई भूमि को काल्पनिक खसरा नम्बर 18/9 के नाम पर सुधीर गोठी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
समिति के अनुसार वर्ष 1982-83 में तत्कालीन सुधार न्यास इटारसी द्वारा अर्जित भूमि में से शासकीय कन्या महाविद्यालय को लगभग 37,000 वर्गफुट, एलआईसी कार्यालय को 3,450 वर्गफुट (वर्ष 1988 में) तथा समिति को विद्यालय संचालन हेतु 77,144.68 वर्गफुट भूमि (वर्ष 1993 में) स्थायी लीज पर आवंटित की गई थी। इन संस्थानों ने अपनी-अपनी इमारतें बनाकर भूमि का उपयोग भी किया है।
समिति का कहना है कि वर्ष 1995 में सुधीर गोठी ने सिविल कोर्ट में काल्पनिक खसरा नम्बर 18/9 को अपना बताकर स्थायी निषेधाज्ञा का दावा प्रस्तुत किया था, जिस पर 1996 में निर्णय भी हुआ, लेकिन बाद में तहसीलदार की नाप-जोख रिपोर्ट (2005) में यह भूमि अस्तित्वहीन पाई गई थी। इसके बाद 2014 में अवमानना का प्रकरण निरस्त कर दिया गया।
समिति का आरोप है कि 14 अगस्त 2025 की शाम किए गए सीमांकन में कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना और पुराने सीमांकन दस्तावेजों की अनदेखी करते हुए सुधीर गोठी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की है। समिति का कहना है कि यह भूमि हकीकत में खसरा नम्बर 18/9/1 से 18/9/14 तक विभाजित होकर शासन और 13 अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज है।
समिति ने मांग की है कि उक्त सीमांकन रिपोर्ट को न्यायालय में प्रस्तुत करने से रोका जाए और पुन: उच्च स्तरीय निष्पक्ष राजस्व अधिकारियों द्वारा सीमांकन कराया जाए। साथ ही दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जैन समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो समाज चरणबद्ध आंदोलन के लिये बाध्य होगा।
सुधीर गोठी ने कहा आरोप निराधार
इस मामले में समाज सेवी एवं कारोबारी सुधीर गोठी का कहना है कि महावीर जैन समिति द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हंै। उन्होंने कहा कि जिस जमीन का हवाला दिया जा रहा है वह हमारे द्वारा सन् 1962 में क्रय की गई थी जिसके सभी वैधानिक दस्तावेज मौजूद हैं। भविष्य में वह न्यायालय या अन्य मंच पर अपनी ओर से सभी दस्तावेज पेश करेंगे जिससे यह तय हो जाएगा कि किसी भी रूप में उन्होंने किसी की संपति पर कब्जा या गलत उद्देश्य से उपयोग नहीं किया है।
हमारे द्वारा कभी भी महावीर जैन समिति या अन्य किसी संस्था पर आरोप नहीं लगाए गए हैं। उनका परिवार कई पीढिय़ों से इटारसी में प्रतिष्ठा के साथ अपना व्यापार कर रहा है, साथ ही सामाजिक कार्यों एवं अन्य गतिविधियों में उनके परिवार को अहम् भूमिका रहती है। हमने हमारी भूमि के संबंध में न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा है।









