- विभाग का दावा : वार्ड 8 में विरोध के बाद विभाग ने दूर किया उपभोक्ताओं का भ्रम
- विरोध कर रही महिलाओं को समझाए मीटर के लाभ, मिला सहयोग का आश्वासन
- अनेक उपभोक्ता अब भी अपने फैसले पर अडिग, कहा हम नहीं लगवाएंगे स्मार्ट मीटर
इटारसी। शहर के वार्ड क्रमांक 8 में शुक्रवार को स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची विद्युत वितरण कंपनी की टीम को उपभोक्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि, कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने मौके पर पहुंचकर उपभोक्ताओं को सही जानकारी दी तो यह गतिरोध समाप्त हो गया। अनेक उपभोक्ताओं ने सहयोग करने का आश्वासन कंपनी को दिया है। इधर कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जिन्होंने कहा है कि वे स्मार्ट मीटर अपने यहां तो नहीं लगवाएंगे, जिनको लगवाना है, उनको रोकेंगे भी नहीं।
विरोध की पृष्ठभूमि
स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम को देखकर स्थानीय महिलाओं के साथ पूर्व पार्षद श्रीमती प्रियंका चौहान ने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। पूर्व पार्षद चौहान ने तर्क दिया कि अन्य क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली बिल काफी अधिक आ रहे हैं, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जबरदस्ती मीटर लगाने की कोशिश की गई तो क्षेत्र की महिलाएं सडक़ों पर उतरकर आंदोलन करेंगी। विरोध के दौरान महिलाओं ने ‘स्मार्ट मीटर वापस लो’ के नारे भी लगाए।
एफआईआर की बात पर भडक़े नागरिक
जिस वक्त कंपनी की टीम बंगलिया में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी तो टीम के साथ मौजूद ठेकेदार ने बहस के दौरान कह दिया कि भोपाल में भी ऐसा ही विरोध किया जा रहा था तो विरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर हो गयी थी। इतना सुनते ही कई नागरिक भडक़ गये और उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि अब आप लोग एफआईआर ही कराओ, जाकर। हम स्मार्ट मीटर तो नहीं लगने देंगे।
विभाग का दावा : गलतफहमी और भ्रम की स्थिति

विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, विरोध का मूल कारण स्मार्ट मीटर संबंधी जानकारी की कमी थी। उपभोक्ताओं को सही जानकारी न होने के कारण भ्रम की स्थिति बनी रही, जिसे विशेष रूप से सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) पर प्रसारित हो रहे भ्रामक संदेशों ने और बढ़ाया। शहर प्रबंधक अखिलेश कनोजे ने कहा कि गलतफहमी और भ्रम की स्थिति थी, जिसे जानकारी देकर ठीक कर दिया है।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
विरोध की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के अधिकारी तत्काल क्षेत्र में पहुंचे और उपभोक्ताओं से सीधे संवाद किया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया, रीडिंग प्रणाली तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन दिखने वाली विद्युत खपत की जानकारी विस्तार से दी। विभाग की टीम ने एक-एक उपभोक्ता को यह स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर के कई लाभ हैं, जैसे दैनिक खपत की पारदर्शिता और स्मार्ट बिलिंग से मिलने वाली संभावित छूट।
सहयोग का आश्वासन
कंपनी का दावा है कि अधिकारियों के विस्तृत स्पष्टीकरण और मीटर के फायदे समझने के बाद, वार्ड क्रमांक 8 के उपभोक्ताओं ने अपनी गलतफहमी दूर होने की बात स्वीकार की। जानकारी मिलने के उपरांत, उपभोक्ताओं ने अब विद्युत विभाग को स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में पूर्ण सहयोग करने की सहमति व्यक्त की है।
कंपनी के दावे से नहीं सहमत
पूर्व पार्षद प्रियंका चौहान, पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार बाबरिया ने सुबह भी बिजली कर्मचारियों को स्मार्ट मीटर लगाने से मना किया था, क्योंकि जनता नहीं चाहती कि स्मार्ट मीटर लगे, इससे बिल ज्यादा आता है। ठेकेदार के इंजीनियर ने यहां विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी थी तो जनता से कहा था कि आप एफआईआर ही करा दें, मीटर तो नहीं लगाने देंगे। पूर्व पार्षद प्रियंका चौहान के साथ ही अनेक उपभोक्ताओं ने कहा कि शाम को बिजली कंपनी के प्रबंधक अभिषेक कनौजे ने जो जानकारी प्रेषित की है, वह भ्रामक है, किसी तरह की कोई सहमति बनी है। वे दबाव डालकर गए हैं कि कल सभी के मीटर बदलकर जाएंगे। लेकिन उनकी तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी। स्मार्ट मीटर नहीं लगवाएंगे।
इनका कहना है…
हमारी उपभोक्ताओं से बातचीत हुई, उनके अनेक सवाल थे, सबके जवाब दिये। जो विरोध कर रहे हैं, वे भी हमसे सवाल करें, सबको संतुष्ट किया जाएगा। जो उपभोक्ता बातचीत के बाद राजी हुए हैं, हमारे पास वीडियो हैं। हम भ्रामक जानकारी क्यों देंगे। हमें तो मीटर लगाना है और लगाए जा रहे हैं।
अखिलेश कनोजे, शहर प्रबंधक








