नर्मदापुरम। शासकीय विधि महाविद्यालय के विधिक सहायता प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा शासकीय ईएफएसएनजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज एवं विभागाध्यक्ष शिवाकांत मौर्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
जागरूकता से ही संभव है सुरक्षा
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप शुक्ला ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को कानून के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि आज के समय में साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकार और सामाजिक उत्तरदायित्वों को समझना हर युवा के लिए अनिवार्य है। कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा आनंद सिंह द्वारा प्रस्तुत की गई।
चार सत्रों में मिली अहम जानकारियां
शिविर को चार मुख्य सत्रों में विभाजित किया था, जिसमें विशेषज्ञों ने अलग-अलग कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला।
- प्रथम सत्र : कविता राजपूत ने साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा पर जानकारी देते हुए बताया कि इंटरनेट की दुनिया में खुद को सुरक्षित कैसे रखें।
- द्वितीय सत्र : जुगल किशोर ने यातायात नियमों की महत्ता समझाई और विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन कराया।
- तृतीय सत्र : रोशनी नरवरिया ने उपभोक्ता संरक्षण अधिकार और समाज में व्याप्त जेंडर स्टीरियोटाइप (लैंगिक रूढि़वादिता) के विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
- चतुर्थ सत्र : उत्तम गोलिया ने नवीन श्रम संहिताओं के बारे में उपयोगी जानकारी साझा की। प्रश्नोत्तर सत्र में सुलझी जिज्ञासाएं कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से छात्रों ने अपने मन में उठने वाली कानूनी शंकाओं का समाधान विशेषज्ञों से पाया। संचालन सचिन खरे एवं प्रिया चौहान ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कविता राजपूत द्वारा किया गया।








