इटारसी। केसला ब्लॉक के आधा दर्जन से अधिक गांवों में दहशत फैला रहे तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को पकड़ लिया। यह तीसरी बार है जब इस तेंदुए को रेस्क्यू किया गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि अब इसे ऐसे घने जंगल में छोड़ा जाएगा, जहां से यह दोबारा रिहायशी इलाकों में नहीं आ सकेगा।
यह तेंदुआ केसला ब्लॉक के हिरणचापड़ा, खखरापुरा और सहेली सहित कई गांवों में घूम रहा था। ग्रामीणों ने कई बार इसे देखा, जिससे उनमें डर का माहौल था। बीते 13 अगस्त को ग्रामीणों ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस तेंदुए को पकडऩे की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग ने गांवों के आसपास चार पिंजरे लगाए थे। खखरापुरा गाँव के पास लगाए गए एक पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। एसटीआर टीम के सदस्यों ने बताया कि यह वही तेंदुआ है जिसे पहले भी दो बार पकड़ा जा चुका है।
बार-बार गांवों में पहुंच रहा था तेंदुआ
एसटीआर टीम के अनुसार, यह तेंदुआ लगातार जंगल से भागकर गांवों में आ रहा था।
- पहली बार : जून में इसे सिंघानामा से पकड़ा गया था और चूरना के जंगल में छोड़ा गया था।
- दूसरी बार : 26 जुलाई को यह बासनिया गांव में एक ग्रामीण के घर की रसोई में घुस गया था।
तेंदुए ने पिछले दिनों पोडार गांव में एक किसान की दो बकरियों का शिकार किया था, जबकि हिरणचापड़ा में 10-12 मुर्गे-मुर्गियां और एक पालतू कुत्ता भी उसका शिकार बन गए थे। एसटीआर के डिप्टी डायरेक्टर ऋषभ नेताम ने बताया कि अब इस तेंदुए को घने जंगल में ऐसी जगह छोड़ा जाएगा, जहां पानी और शिकार की पर्याप्त उपलब्धता हो और यह गांवों की सीमा से बहुत दूर हो।









