नर्मदापुरम। संसद के मौजूदा सत्र में नर्मदापुरम-नरसिंहपुर क्षेत्र के विकास और किसानों की बेहतरी के लिए सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने दमदार पैरवी की है। बुधवार को सदन की कार्यवाही के दौरान उन्होंने क्षेत्र की दो सबसे बड़ी जरूरतों—बेहतर कनेक्टिविटी और किसानों की सुगम राह—को प्रमुखता से उठाया।
टिमरनी-करेली मार्ग को फोरलेन बनाने की मांग
क्षेत्र में बढ़ते यातायात के दबाव और आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सांसद चौधरी ने एक महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने टिमरनी-नर्मदापुरम-बाबई-सोहागपुर-पिपरिया-गाडरवारा-करेली मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा।
क्यों है जरूरी?
यह मार्ग लोकसभा क्षेत्र की जीवनरेखा है। फोरलेन होने से न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। किसानों के लिए नई पहल का सुझाव नियम 377 के तहत अपनी बात रखते हुए सांसद ने एक दूरदर्शी विचार पेश किया। उन्होंने केंद्र सरकार से विनम्र आग्रह किया कि देश के हर किसान के खेत को मुख्य मार्ग से जोडऩे के लिए खेत सड़क योजना शुरू की जाए।
इस योजना के संभावित लाभ
- आसान आवागमन : किसानों को खेतों तक मशीनरी ले जाने और वापस आने में परेशानी नहीं होगी।
- तेज परिवहन : फसल कटाई के बाद उपज को मंडियों तक जल्दी और सुरक्षित पहुंचाया जा सकेगा। मजबूत अर्थव्यवस्था : ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरने से सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सांसद दर्शन सिंह चौधरी की इन मांगों ने क्षेत्र के नागरिकों और किसान वर्ग में एक नई उम्मीद जगाई है। यदि इन मांगों पर मुहर लगती है, तो यह नर्मदापुरम-नरसिंहपुर संसदीय क्षेत्र के लिए विकास का एक नया अध्याय होगा।









