इटारसी। यदि आज आपको महसूस हो रहा है कि दिन की रोशनी जल्दी खत्म हो रही है, तो यह आपकी कल्पना नहीं बल्कि एक खगोलीय घटना है। कल यानी 21 दिसंबर रविवार को साल का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होने जा रही है।
नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इस घटना के पीछे के रोचक वैज्ञानिक तथ्यों को साझा किया है।
क्या है विंटर सोल्स्टिस
सारिका घारू के अनुसार, खगोल विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को विंटर सोल्स्टिस कहा जाता है। आज भारतीय समयानुसार रात 8 बजकर 33 मिनट पर सूर्य की किरणें मकर रेखा पर लंबवत होंगी। इस क्षण के बाद सूर्य अपनी कर्क रेखा की ओर उत्तरायण यात्रा शुरू करेगा, जिससे धीरे-धीरे दिन बड़े होने लगेंगे।
क्यों छोटी होती है आज की रोशनी?
पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी हुई सूर्य की परिक्रमा करती है। परिक्रमा के दौरान कल उत्तरी गोलार्द्र सूर्य से अपनी अधिकतम दूरी पर है। दूरी अधिक होने के कारण सूर्य की किरणें यहां तिरछी पड़ती हैं, जिससे दिन की अवधि कम और रात लंबी हो जाती है। स्थानों के अनुसार दिन की अवधि दिलचस्प बात यह है कि दिन की लंबाई भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करती है। दक्षिण भारत की तुलना में उत्तर भारत के शहरों में आज दिन और भी छोटा होगा।
मप्र के विभिन्न शहरों में स्थिति
नगर – सूर्योदय – सूर्यास्त – दिन की कुल अवधि
रायसेन 06:55 05:37 10 घंटे 42 मिनट 04 सेकंड
भोपाल 06:57 05:39 10 घंटे 42 मिनट 21 सेकंड
उज्जैन 07:03 05:46 10 घंटे 42 मिनट 40 सेकंड
नर्मदापुरम 06:54 05:39 10 घंटे 44 मिनट 25 सेकंड
हरदा 06:56 05:42 10 घंटे 46 मिनट 06 सेकंड
बैतूल 06:52 05:40 10 घंटे 47 मिनट 49 सेकंड
दिन के काम जल्दी निपटा लें!
चूंकि आज रात इस साल की सबसे लंबी रात होगी, इसलिए दैनिक कार्यों के लिए रोशनी का समय कम मिलेगा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह दिन बेहद खास है, क्योंकि आज से ऋतु परिवर्तन के साथ-साथ सूर्य के उत्तरायण होने की प्रक्रिया का प्रारंभ होता है।








