इटारसी। मानस की जात सबै एकै पहचानबो…गुरु गोविंद सिंह जी के इस महान संदेश को आत्मसात करने के उद्देश्य से वर्धमान स्कूल द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। गुरु गोविंद सिंह जयंती की पूर्व संध्या पर विद्यालय के कक्षा दूसरी के नन्हे विद्यार्थियों को स्थानीय गुरुद्वारे का भ्रमण कराया गया, जहां बच्चों ने धर्म, सेवा और सद्भाव का पाठ पढ़ा।
ज्ञानी जी ने सिखाया एकता का मार्ग
भ्रमण के दौरान गुरुद्वारा के ज्ञानी जी ने विद्यार्थियों को गुरु गोविंद सिंह जी के गौरवशाली जीवन और उनके महान विचारों से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को बताया कि गुरु साहिब ने समाज को एकता और आपसी भाईचारे का मार्ग दिखाया था। सभी धर्म समान हैं और संपूर्ण मानवता एक ही परमात्मा की संतान है। जीवन में हमेशा मिल-जुलकर रहना चाहिए और आपसी प्रेम व सद्भाव को बनाए रखना ही सच्ची शिक्षा है।
श्रद्धा के साथ टेका माथा, ग्रहण की प्रसादी
गुरुद्वारे की शांत और आध्यात्मिक आभा के बीच सभी विद्यार्थियों ने पूरी श्रद्धा के साथ गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। विद्यालय की इस पहल का उद्देश्य किताबी ज्ञान से हटकर बच्चों में नैतिक मूल्यों और सर्वधर्म समभाव के संस्कार विकसित करना था। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को प्रेमपूर्वक प्रसादी वितरित की गई।
संस्कारों का प्रैक्टिकल अनुभव
यह भ्रमण केवल एक सैर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक गहरा संस्कारपूर्ण अनुभव रहा। शिक्षकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में धार्मिक सद्भाव की भावना सुदृढ़ होती है और वे एक अच्छे इंसान बनने की ओर अग्रसर होते हैं।









