इटारसी। तृतीय अपर जिला न्यायाधीश आदित्य रावत की अदालत ने इटारसी के चर्चित योगेश मालवीय उर्फ ‘अट्टू’ हत्याकांड मामले में मंगलवार को फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने आरोपी गगन चौधरी और गिल्लू उर्फ शिवकुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 34 (सामान्य आशय) के तहत दोषी पाया। दोनों को आजीवन कारावास के साथ 2000-2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। वहीं, इस मामले के तीसरे आरोपी सचिन उर्फ पप्पू कालोसिया को न्यायालय ने सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
घटनाक्रम और न्यायालय का निष्कर्ष
अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला ने बताया कि फरियादी सुनील छोलिया ने थाना पथरौटा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 नवंबर 2023 को वह और योगेश मालवीय ग्राम जमानी में थे। योगेश एक काम से मोटरसाइकिल पर निकला, तभी रास्ते में घाटली गांव से पथरौटा जाने वाले रास्ते पर नहर के पास खेत पर गिल्लू चौधरी, राजा, और गगन चौधरी अपने साथियों के साथ खड़े थे। पुराने मामले को लेकर आरोपियों ने योगेश को गाली गलौज की। जब योगेश ने मना किया, तो गगन चौधरी ने हाथ-मुक्कों से, गिल्लू और राजा ने बांस के डंडों से योगेश मालवीय के साथ मारपीट की। गंभीर रूप से घायल योगेश को पहले इटारसी के सरकारी अस्पताल और बाद में इलाज के लिए भोपाल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 2 दिसंबर 2023 को उसकी मृत्यु हो गई।
न्यायालय की टिप्पणी
न्यायालय ने अपने दंडआदेश में स्पष्ट किया कि आरोपीगण ने सामान्य आशय के अग्रसारण (Common Intention) में, पुरानी रंजिश को लेकर योगेश मालवीय की बेरहमी से मारपीट कर उसकी हत्या की है।
केस की पैरवी और तथ्य
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला और भूरे सिंह भदौरिया ने की। अभियोजन पक्ष ने कुल 31 गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया और 56 दस्तावेजों को प्रदर्शित किया। दोषी शिवकुमार ने इस मामले में कुल 705 दिन और गगन चौधरी ने 616 दिन जेल में बिताए हैं। इस केस का चौथा आरोपी, राजा उर्फ ऋषभ बाली, घटना के बाद से ही फरार चल रहा है।
सजा और आगे की कार्रवाई
दोषी गगन चौधरी (जो पूर्व में जमानत पर था) को सजा सुनाए जाने के बाद तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों दोषियों गगन चौधरी और शिवकुमार को सजा वारंट के साथ जिला जेल, नर्मदापुरम भेज दिया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि यदि दोषी जुर्माना (अर्थदंड) की राशि अदा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 6-6 माह का कठोर कारावास भुगतना होगा।








