भोपाल। मध्यप्रदेश डाटा सेंटर व्यवसाय में अपनी नई पहचान बना सकता है। इसके लिए प्रदेश में अलग-अलग 9 स्थानों पर 690 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इस क्षेत्र में आने वाली कंपनियों को सरकारी जमीन पर इकाइयाँ लगाने की लागत में 75 प्रतिशत तक की रियायत भी मिल सकेगी। इस क्षेत्र की संभावनाओं पर दावोस में वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की वार्षिक बैठक के तीसरे दिन मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से आज अमेजन वेब सर्विस के वाइस प्रेसीडेंट श्री मेक्स पीटरसन ने विस्तारपूर्वक चर्चा की। मुख्यमंत्री को उन्होंने बताया कि फिलहाल नई दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, बैंगलुरू, पुणे, चैन्नई मिलाकर 6 स्थानों पर कंपनी काम कर रही है। इसमें दिल्ली, मुम्बई और चैन्नई में डाटा सेंटर हैं। मध्यप्रदेश में भी कंपनी अपनी आमद दर्ज करना चाहती है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में डाटा सेंटर व्यवसाय के लिए जरूरी जमीन, बिजली और श्रम आदि सभी परिस्थितियाँ मौजूद हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के अध्यक्ष श्री बॉर्ज ब्रेंडे से और लुलु ग्रुप के मालिक मोहम्मद युनुस अली से मुलाकात की।
डाटा सेंटर व्यवसाय में बनेगी मध्यप्रदेश की नई पहचान

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