उच्च न्यायालय में याचिका के बाद हुई आरक्षण की कार्रवाई
सोहागपुर/ राजेश शुक्ला। जनपद पंचायत सोहागपुर क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में से 16 ग्राम पंचायत रोस्टर के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षित कर दी गई है। जनपद सभागार में सोमवार को कलेक्टर की ओर से नियुक्त प्रभारी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भारती मेरावी ने
आरक्षण की कार्रवाई सम्पन्न कराई। इस मौके पर सीईओ श्रीराम सोनी, बीपीओ ब्रजेश तिवारी, राहुल तिवारी पंचायत सचिवों के साथ ही भाजपा मंडल अध्यक्ष राघवेंद्र पटेल, पूर्व सरपंच ब्रजकिशोर पुरबिया, धर्मेश ठाकुर, मंजेश ठाकुर, अधिवक्ता सुधीर ठाकुर ,शालिग्राम रघुवंशी, राम बाबू रघुवंशी, मिथिलेश ठाकुर के अलावा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण नागरिक जनप्रतिनिधि मौजूद थे। आरक्षण की पूरी कार्रवाई वीडियो कैमरे के सामने की गई है।
इन 16 पंचायतों में होंगे ओबीसी सरपंच :
सोमवार को सुबह 10:30 बजे आरक्षण की कार्रवाई प्रभारी अधिकारी की मौजूदगी में शुरू की गई। बीपीओ बृजेश तिवारी ने बताया जनपद क्षेत्र की 65 ग्राम पंचायतों में से 19 पंचायत पूर्व से एससी एवं एसटी के लिए आरक्षित की जा चुकी है। इन को छोड़कर शेष 46 पंचायतों मे से 16 पंचायतों को रोस्टर के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है । इसमें 1994 – 95 से पंचायत के आरक्षण की स्थिति देखी गई है। आरक्षण प्रक्रिया में गलचा, बारंगी, ठीकरी, सेमरी हरचंद ,पालादेवरी, कोहानी, गुरारी, नगतरा, निभोंरा , सांखला, सुपलई, भोंखेड़ी कला ,कामती रंगपुर ,बिछुआ गरमखेड़ी एवं मुड़ियाखेड़ा पंचायत अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। गौरतलब है कि आरक्षण को लेकर धर्मेश ठाकुर ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी। जिसके आदेश के अनुक्रम में सोमवार को आरक्षण की कार्रवाई हुई।
10 पंचायत अजा एवं 9 पंचायत अजजा के लिए है आरक्षित
जनपद पंचायत में इससे पूर्व आरक्षण की कार्रवाई 27 जनवरी 2020 को संपादित हुई थी ।जिसमे अनुसूचित जाति के लिए 10 तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 9 ग्राम पंचायत आरक्षित की जा चुकी है। जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग में गुजरखापा, गोपालपुर,बांसखापा, भिलाड़िया गोहनादेहमाल लखनपुर, टेकापार, गुजरर्खेड़ी ,शोभापुर एवं ईश्वरपुर पंचायत आरक्षित हुई है। साथ ही अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए महुआखेड़ा कला, ढीकवाड़ा, चारगांव चांदीखेड़ी, जमुनिया, करनपुर, गौड़ीखेड़ी माल, नीमनमुड़ा एवं नवलगांव पंचायत आरक्षित है।








