इटारसी। बिजली विभाग और टेलीफोन विभाग (Electricity Department and Telephone Department) में बिजली के बिलों को लेकर हो रही गफलत में ग्रामीण अंचलों के उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। दोनों विभाग के अधिकारी मामले को सुलझाने में लगे हैं। बिजली विभाग बिल नहीं भरने पर लाइन काट देता है तो हजारों मोबाइल बंद हो जाते हैं, जबकि टेलीफोन विभाग का कहना है कि बिल जमा होता है, लेकिन बिजली विभाग के कर्मचारियों की गलती से इंट्री नहीं होने पर यह नौबत आ जाती है।
अभी कुछ दिन पूर्व तवानगर (Tawanagar) के लोग इंटरनेट नहीं चलने से परेशान हुए। यहां के निवासियों का कहना है कि यहां मोबाइल और इंटरनेट कभी भी बंद हो जाते हैं। कभी लाइन कटने के नाम पर तो कभी बिजली कनेक्शन कटने के नाम पर।
जब इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी टेलीफोन विपिन नागेश (Sub Divisional Officer Telephone Vipin Nagesh) से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि बिजली का कनेक्शन विच्छेद होने से दो दिन कई गांवों में परेशानी हुई थी। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों से चर्चा के बाद लाइन चालू करा ली गयी है और अब सभी जगह स्थिति सामान्य है।
उन्होंने बताया कि दो दिन तवानगर में ऐसी स्थिति बनी थी, फिर चर्चा के बाद लाइन जोड़ी और एक टॉवर को पहले चालू कराया। अब दोनों टॉवर चालू हैं। श्री नागेश का कहना था कि हमारे यहां से बिल का भुगतान होता है। लेकिन, बिजली विभाग में इंट्री अपडेट नहीं होने से कम्प्यूटर में बकाया ही बताया जाता है। उनकी ओर से करीब तीन लाख बिल बकाया बताया जा रहा है, जबकि इतना बिल बाकी है ही नहीं। इसी बात पर बिजली विभाग के आला अधिकारियों से हम बात करके आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व बिजली विभाग ने बकाया बताकर लाइन कट कर दी जिससे तवानगर के अलावा नयायार्ड, जमानी, केसला, सहेली, तरोंदा सहित कुछ अन्य ग्रामीण अंचलों के उपभोक्ता परेशान हो गये थे। अभी स्थिति सामान्य है।
बिजली के बिल की गफलत में परेशान हो रहे टेलीफोन उपभोक्ता

For Feedback - info[@]narmadanchal.com







