रितेश राठौर, केसला। केसला ब्लॉक (Kesla Block) के विस्थापित गांव जाम के रहवासियों को विस्थापन के छह वर्ष बाद भी नयाजाम में रोड नहीं मिली। वे जिस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां एक व्यक्ति उनको आवागमन नहीं करने देता और गालियां देता है। रोज-रोज की परेशानी से आजिज आकर गांव के महिला-पुरुषों ने आज केसला मुख्यालय पर आकर सीईओ के नाम एक ज्ञापन लेखापाल को सौंपा। जनपद पंचायत सीईओ के नाम सौंपे ज्ञापन में विस्थापित गांव के लोगों ने ग्राम जाम से नेशनल हाईवे 69 तक रोड बनवाने की मांग की है।
ग्राम की दुर्गा महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष सुगंधी मरकाम (President Sugandhi Markam) ने बतायाकि वर्ष 2015 में उनका गांव विस्थापित हुआ है। छह वर्ष बीतने के बावजूद उनको गांव से एनएच 69 तक महज एक किलोमीटर की रोड नहीं बनाकर दी गयी। गांव के लोगों को हाईवे पर आने में काफी कठिनाई उठानी पड़ती है। स्कूली बच्चे भी परेशान हो रहे हैं और गांव के महिला-पुरुष भी। विस्थापन के वक्त शासन की ओर से सड़क बनाने का आष्वासन मिला था, लेकिन उसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
ग्रामीण रमेश इवने का कहना था कि डेम बन जाने से रास्ता भी पानी में डूब गया। जिस रास्ते का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां से रामविलास नामक ग्रामीण निकलने पर गालियां देता है। कई बार विवाद होते हैं। महिलाओं को भी गालियां दी जाती हैं, ऐसे में विवाद से बचने के लिए ग्रामीणों ने जनपद पंचायत केसला की मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि उनके गांव से हाईवे तक रोड का निर्माण कराके ग्रामीणों को विवाद से बचाएं और आवागमन की सुविधा प्रदान करें।
ज्ञापन देने गांव से सुगंधी बाई, सरस्वती बाई, दमयंती बाई, ममता, विसनिया, शांति, बबली, जुगलो बाई, सेवंती बाई, भागवती सहित अनेक महिलाएं और ग्राम के पुरुष भी जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे थे।








