इटारसी। नर्मदापुरम कार्यालय में आज शुक्रवार को केवट मत्स्योधोग सहकारी समिति मर्यादित ग्राम सुखतवा के मछुआरों ने जनपद पंचायत केसला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कलेक्टर, कमिश्नर को लिखित शिकायत की है कि उनकी सहकारी समिति का पूर्व में भूमकापुरा सिंचाई जलाशय का मछली पालन एवं मत्स्याखेट का दस वर्षीय पट्टे की लीज 1 वर्ष पूर्व समाप्त हो गई थी जिसकी जानकारी केसला ब्लाक जनपद पंचायत केसला को पूर्व में थी।
कुछ दिन पूर्व ही समिति को पता चला कि जनपद पंचायत केसला ब्लाक के अधिकारी ने समिति को सूचना दिये वगैर एवं शासकीय नियमानुसार राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र में निविदा दिये वगैर भूमकापुरा सिंचाई जलाशय को पुन: मत्स्य पालन एवं मत्स्याखेट के लिए दस वर्षीय पट्टे पर देने के लिए फोन पर अपने परिचित से समूह बनाकर आवेदन लिये जा रहे हैं। जब समिति के सदस्य पुन: मत्स्य पालन एवं मत्स्याखेट के लिए दस वर्षीय पट्टे पर भूमकापुरा सिंचाई जलाशय के लिए आवेदन लेकर गये तो अधिकारी ने समयसीमा खत्म का नियम बताकर आवेदन लेने से मना कर दिया। जबकि पूर्व में दस वर्षीय पट्टे पर सहकारी समिति के मछुआरों सदस्यों ने सभी शासकीय नियमों का पालन कर सफल मछली पालन एवं मत्स्याखेट किया था।
मछुआ मित्र मोहन रायकवार ने बताया कि मप्र शासन की मत्स्य नीति 2008 के नियमानुसार जलाशय क्षेत्र के वंशानुगत मछुआ जाति के ढीमर, केवट, कहार को प्रथम प्रथमिकता दी गई है। कलेक्टर, कमिश्नर से आवेदन पत्र के माध्यम से शासकीय नियमों की अवेहलना कर राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र में सूचना हेतु निविदा नहीं निकालने एवं फोन पर अपने परिचित को बुलाकर आवेदन लेने पर संबधित अधिकारी पर उचित कार्रवाई करने एवं पुन: राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र में निविदा निकलवाने का निवेदन किया है। इस मौके पर समिति सदस्य में जुगल कहार, दुर्गा कहार, विष्णु कहार, दीपक कहार उपस्थित थे।








