- खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने दुग्ध और दुग्ध उत्पादों की जांच हेतु चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से की कार्रवाई
नर्मदापुरम। यहां के आर्गेनिक मिल्क कार्ट मालाखेड़ी रोड पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने दुग्ध और दुग्ध उत्पादों की चलित खाद्य प्रयोगशाला से जांच करायी तो चौंकाने वाली बात सामने आयी है। इसके संचालक आर्गेनिक के नाम से उपभोक्ताओं से छल कर रहे थे। न तो उनके पास आर्गेनिक का कोई लायसेंस है, और ना ही उनके प्रॉडक्ट आर्गेनिक हैं।
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिला प्रशासन के निर्देशन में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा दुग्ध और दुग्ध उत्पादों की जांच के लिए चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से कार्रवाई की गई। ऑर्गेनिक मिल्क कार्ट मालाखेड़ी रोड पर जांच के दौरान गाय और भैंस के दूध के चार नमूने संग्रहित किए, जो राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल जांच के लिए भेजे जाएंगे।
विक्रेता के पास दूध का ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट नहीं था और उसने स्वीकार किया कि उसका कोई भी खाद्य पदार्थ ऑर्गेनिक नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ऑर्गेनिक मिल्क कार्ट से ‘ऑर्गेनिक’ शब्द तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर विक्रेता के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
अन्य कार्रवाई में कोठी बाजार नर्मदापुरम स्थित नामधारी डेरी से दो पनीर और खोवा, भैंस के दूध के नमूने जांच हेतु लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दियावार शामिल रहे।









