जबलपुर/नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अजाक्स के चुनाव परिणाम पर स्थगन आदेश जारी करते हुए, सोहागपुर ब्लॉक में वोटों की दोबारा गिनती कराने की अनुशंसा की है। इस फैसले के बाद, वर्तमान में अजाक्स का कोई भी अध्यक्ष नहीं है।
यह मामला तब सामने आया जब चुनाव में हारने वाले प्रत्याशी गणेश उपरारिया ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उपरारिया ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान, अजाक्स के पूर्व अध्यक्ष हरियाले ने दबाव डालकर सात निरस्त (रिजेक्ट) वोटों को जबरदस्ती अपने पक्ष के प्रत्याशी के वोटों में गिनवा दिया था। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने इस मामले (WP-33597-2025) की सुनवाई की।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार शुक्ला ने रिटर्निंग ऑफिसर का एक महत्वपूर्ण नोट अदालत के सामने पेश किया। इस नोट में रिटर्निंग ऑफिसर ने खुद स्वीकार किया था कि ‘दबाव के कारण वे वोट श्री हरियाले द्वारा गड्डी में मिलाकर गिनती कर दी गई।’ और उन्होंने सोहागपुर की विवादित पेटी की फिर से गिनती की अनुशंसा की थी। अदालत ने इन गंभीर आरोपों को देखते हुए, 6 अगस्त, 2025 को पारित आदेश के प्रभाव को अगली सुनवाई तक के लिए स्थगित कर दिया है।
न्यायालय ने प्रतिवादियों को भी सात दिन के भीतर प्रक्रिया शुल्क जमा करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। यह फैसला चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









