इटारसी। मध्यप्रदेश में निर्वाचन प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में ‘पेपरलेस बूथ’ के नवाचार के माध्यम से ग्राम सरकार चुनने की प्रक्रिया को साकार किया जा रहा है। हाल ही में जिला पंचायत उपनिर्वाचन के दौरान रिकॉर्ड 77 मतदान केंद्रों पर पूरी तरह से डिजिटल मतदान प्रक्रिया अपनाई गई।
ब्रांड एम्बेसेडर सारिका ने सौंपी रिपोर्ट
इस नवाचार की सफलता और मतदाताओं के बीच जागरूकता की जमीनी रिपोर्ट आयोग की ब्रांड एम्बेसेडर सारिका घारू ने राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव को सौंपी। इस अवसर पर उपसचिव डॉ. सुतेश कुमार शाक्य, सुश्री प्रियांशी भंवर सहित आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जागरूकता के लिए रोचक माध्यमों का उपयोग
सारिका घारू ने बताया कि वे आयुक्त अनोज कुमार श्रीवास्तव एवं सचिव दीपक सिंह के मार्गदर्शन में मतदाताओं को जागरूक कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल वोटिंग के प्रति झिझक मिटाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया गया।
पेपरलेस चुनाव के लाभ और भविष्य रिपोर्ट प्राप्त करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव ने पेपरलेस इलेक्शन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह नवाचार न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इससे निर्वाचन प्रक्रिया में सटीकता और गति भी बढ़ती है। उन्होंने आने वाले समय में इस मॉडल को व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि भविष्य के चुनावों को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा सके।








