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श्री रौद्र नव संवत्सर : नई ऊर्जा और सनातन परंपरा के स्वागत की मंगल बेला

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  • पंकज पटेरिया, वरिष्ठ पत्रकार, कवि एवं ज्योतिष सलाहकार
Pankaj Pateriya

19 मार्च 2026, गुरुवार से आरंभ हो रहे श्री नव संवत 2083 की पावन बेला समस्त राष्ट्रवासियों के लिए हर्ष, उल्लास और समृद्धि का संदेश लेकर आ रही है। भारतीय संस्कृति आदि काल से ही उत्सवधर्मी रही है। कठिन से कठिन समय में भी उल्लास के रंग और खुशियां ढूंढ लेना हमारी सनातनी विरासत का हिस्सा है। यही ऊर्जा हमारी शिराओं में प्रवाहित होती है और हमें हर वर्ष एक नई शुरुआत की प्रेरणा देती है।

ग्रहों का मंत्रिमंडल : गुरु राजा और मंगल मंत्री

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस नव संवत्सर के राजा देवगुरु बृहस्पति हैं और मंत्री का पद मंगल महाराज के पास है। यह संयोग ज्ञान और पराक्रम के संतुलन का प्रतीक है, जो समाज में बौद्धिक विकास और शौर्य का संचार करेगा।

विजय और सृजन का प्रतीक है गुड़ी पड़वा

‘गुड़ी’ का अर्थ है पताका, और पताका सदैव विजय का प्रतीक होती है, जो चारों दिशाओं में धर्म और न्याय की विजय उद्घोष करती है। चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि आलोक के आरंभ की बेला है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह एक ‘अबूझ मुहूर्त’ है, जिसमें किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग शुद्धि की आवश्यकता नहीं होती। इस दिन नए पंचांग का पूजन कर वर्ष का श्रीगणेश किया जाता है।

ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व

  • नव संवत्सर का यह पर्व गौरवशाली इतिहास और पौराणिक मान्यताओं का संगम है।
  • सृष्टि का आरंभ : मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सूर्योदय के साथ सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे ब्रह्म संवत्सर भी कहते हैं।
  • महान विभूतियों से जुड़ाव : यह पर्व सम्राट विक्रमादित्य की अजर स्मृति, छत्रपति शिवाजी महाराज की महाविजय और धर्मराज युधिष्ठिर के राज्याभिषेक के मंगल दिवस से जुड़ा है।
  • समय का वर्गीकरण : संवत्सरों की कुल संख्या 60 है, जिन्हें 20-20 के समूहों में क्रमश: ब्रह्मा जी, विष्णु जी और शिव जी को समर्पित किया गया है।

नव संकल्प और लोक मंगल की कामना

यह समय नई फसल के पकने और प्रकृति के पुनरुद्धार का भी है। इसी पावन दिवस से आद्यशक्ति की उपासना (चैत्र नवरात्रि) भी आरंभ हो रही है। आइए, इस नव संवत्सर पर हम अपने हृदय में नव संकल्प की ज्योति प्रज्ज्वलित करें। हम आपसी सद्भाव, बंधुत्व और प्रीति भाव से रहते हुए राष्ट्र की समृद्धि के रथ को गतिमान बनाने में सहायक बनें। महाशक्ति राज-राजेश्वरी से प्रार्थना है कि संपूर्ण विश्व में शांति और सर्वमंगल व्याप्त हो।

समस्त राष्ट्रवासियों को नव संवत्सर की अनंत मंगलकामनाएं!**
नर्मदे हर

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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