इटारसी। देश में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के तौर पर अपनी निरंतर निर्बाध सेवाएं दे रहे प्रदेश के मीडियाकर्मियों को इस वैश्विक महामारी के भीषण दौर में कोरोना वारियर्स की तरह सम्मान निधि के रूप में 10 हजार रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान कर सरकार अपना संरक्षण दे। यह मांग मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार केलू उपाध्याय ने प्रदेश सरकार से की है।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल और लॉकडाउन के चलते प्रदेश के मीडियाकर्मी जान की परवाह न करते हुए सरकार की नीति-नियमों और कार्यक्रमों को आमजन तक पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही आम जनता के बीच जागरूकता प्रचार प्रसार के लिए मैदानी स्तर पर उतर कर सरकार को भी लगातार सहयोग कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार और जिला स्तर के प्रशासन द्वारा उन्हें सुरक्षा की कोई सुविधाएं अथवा संसाधन उपलब्ध नहीं कराए हैं। महामारी के इस दौर में स्वतंत्र पत्रकारिता करने के साथ ही विभिन्न बड़े-बड़े संस्थानों से जुड़े इन मीडियाकर्मियों को आर्थिक संकट के चलते अपना घर चलाने में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वाभिमान और सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते यह मीडियाकर्मी अपनी कठिनाइयों और संघर्ष को सरकार अथवा प्रशासन के सामने नहीं ला पा रहे हैं। ऐसे में सरकार का यह दायित्व है कि वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में इनकी सुरक्षा और संरक्षण का काम तत्परता से करें उन्होंने अपनी बात को राजनीतिक चश्मे से ना देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि देश और प्रदेश के सभी मीडिया कर्मियों को कोरोना वारियर्स का दर्जा प्रदान करते हुए माह अप्रैल से आगामी महामारी के समय तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह सम्मान निधि के रूप में आर्थिक सहायता देकर उनके स्वाभिमान और सम्मान के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
मीडिया कर्मियों को सम्मान निधि प्रदान करें – उपाध्याय

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