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गीतकार शैलेंद्र के व्‍यक्तित्‍व एवं कृतित्‍व पर समारोह हुआ

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देश। मध्य रेल मुख्‍यालय(Central Railway Headquarters), राजभाषा विभाग (official language department) द्वारा आज सुप्रसिद्ध गीतकार शैलेंद्र जी की जयंती के उपलक्ष्‍य में उप महाप्रबंधक (राजभाषा) विपिन पवार (Deputy General Manager Official Language, Vipin Pawar) की अध्‍यक्षता में शैलेंद्र जी के व्‍यक्तित्‍व एवं कृतित्‍व पर समारोह का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर उप महाप्रबंधक (राजभाषा) ने शैलेंद्र जी (Deputy General Manager Official Language Shailendra) के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संक्षेप में आलेख प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि शैलेंद्र जी पूर्व रेल कर्मी रह चुके हैं, जो माटुंगा कारखाने में कार्यरत रहें। उनके गीतों से फिल्म जगत से जुड़े महान निर्माता एवं निर्देशक राजकपूर बहुत प्रभावित हुए तथा उन्होंने शैलेंद्र जी के कई गीतों को अपनी फिल्मों में स्थान दिया।

शैलेंद्र द्वारा लिखे गए सभी गीत तत्कालीन समयानुसार यथार्थवादी एवं कालजयी हैं। उनके द्वारा लिखे गए कई गीत अभी भी कर्णप्रिय हैं जो समकालीन जगत के साथ समानांतर चलते रहते हैं।

इस संगोष्‍ठी में अतिथि वक्‍ता के रूप में आमंत्रित हिंदी फिल्मों तथा म्यूजिक एल्बम के लिए गीत लिखने वाले कवि गीतकार एवं शायर डॉ. प्रमोद कुमार कुश (Dr. Pramod Kumar Kush) ने संगोष्‍ठी में अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए कि शैलेंद्र जी के सभी गीत श्रोताओं के दिलों में पुरानी यादें ताजा कर देते हैं। प्रसिद्धि के शिखर पर रहते हुए भी शैलेंद्र हमेशा जमीन से जुड़े रहे। उन्‍होंने कहा कि शैलेंद्र जी के गीतों के बारे किसी को ज्‍यादा बताने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि उनके गीत आज भी लोगों के जुबां पर है।

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