इटारसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शुक्रवार को माखननगर आगमन से पहले क्षेत्र में भारी राजनीतिक गहमागहमी देखी गई। मुख्यमंत्री के रोड शो में काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे कांग्रेस और युवा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया।
पुलिस की चाक-चौबंद घेराबंदी
प्रशासन को पहले ही खुफिया इनपुट मिल चुका था कि कांग्रेसी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। जैसे ही कार्यकर्ताओं का जत्था माखननगर की ओर बढ़ा, इटारसी पुलिस ने धोखेड़ा सड़क स्थित फोरलेन के पास मोर्चा संभाल लिया। पुलिस ने घेराबंदी कर प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने एहतियातन उन्हें वाहनों में बिठाकर थाने भेज दिया।
प्रमुख नेता हुए नजरबंद
हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस और युवा कांग्रेस के शम्मी जायसवाल प्रदेश महासचिव, सौम्य दुबे युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष, गौरव चौधरी, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष, गोल्डी बैस पूर्व युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष शामिल रहे।
लोकतंत्र की आवाज दबाने का आरोप
हिरासत में लिए गए युवा नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया। शम्मी जायसवाल और सौम्य दुबे ने कहा, हम लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने पुलिस के दम पर हमारी आवाज को दबाने का काम किया है। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है, जिससे हमें वंचित रखा गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने माखननगर से लेकर इटारसी तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।








