इटारसी। इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों का मामला अब प्रदेशव्यापी राजनीतिक उबाल ले चुका है। मंगलवार को इटारसी की सड़कों पर उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब कांग्रेसियों ने ‘घंटा’ बजाकर सोती हुई सरकार को जगाने का शंखनाद किया। इंदौर घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के निवास का घेराव करने का प्रयास किया।
बैरिकेड्स पर जंग, जब कूदने लगे प्रदर्शनकारी
दोपहर को सूरजगंज चौराहे से शुरू हुई कांग्रेस की आक्रोश रैली जैसे ही भारतीय स्टेट बैंक चौराहे पर पहुंची, माहौल गरमा गया। पुलिस ने विधायक निवास से काफी पहले मजबूत किलेबंदी कर रखी थी। जोश से भरे प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए और अंदर कूदने का असफल प्रयास किया। भारी पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और तीखी नारेबाजी चलती रही। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेफिक डायवर्ट कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था।
विपक्ष का तीखा प्रहार: जिम्मेदार कुर्सी पर, प्यादे सस्पेंड
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने सरकार पर बचाव की राजनीति करने का आरोप लगाया। नर्मदापुरम जिलाध्यक्ष शिवाकांत पांडेय ने कहा, इंदौर में 17 मौतें व्यवस्था की विफलता है। इटारसी में भी पाइपलाइनें जर्जर हैं और टंकियों की सफाई नहीं हुई है। हम सरकार को जगाने आए हैं। नगर अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी ने तंज कसते हुए कहा, नगरीय प्रशासन मंत्री मीडिया के सामने घंटा जैसे शब्दों का प्रयोग कर जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। छोटे कर्मचारियों को सस्पेंड कर बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि असल जिम्मेदारी मंत्रियों की है।
पुलिस की चाक-चौबंद घेराबंदी
एसडीओपी वीरेन्द्र मिश्रा के मार्गदर्शन और टीआई गौरव बुंदेला के नेतृत्व में इटारसी, रामपुर और पथरोटा थाने के बल सहित ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था। एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था इतनी पुख्ता थी कि प्रदर्शनकारियों को विधायक निवास के नजदीक भी नहीं फटकने दिया गया।
आंदोलन की अगली बिसात, 11 जनवरी का अल्टीमेटम
कांग्रेस ने इसे केवल ट्रेलर बताया है। पदाधिकारियों ने ऐलान किया है कि यदि इस्तीफे नहीं हुए, तो 11 जनवरी को इंदौर में प्रदेश स्तर का विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में पूर्व मंडी अध्यक्ष रमेश बामने, पंकज राठौर, दिलीप गोस्वामी, गुफरान अंसारी सहित दर्जनों पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे।








