राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : जिज्ञासा से वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनता है

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस : जिज्ञासा से वैज्ञानिक दृष्टिकोण बनता है

– शासकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन
इटारसी। शासकीय कन्या महाविद्यालय में विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के द्वितीय दिन भाषण, पोस्टर (Poster) तथा चार्ट (Chart) निर्माण, निबंध, मॉडल (Model,) निर्माण, विज्ञान प्रश्नोत्तरी तथा आलेख प्रतियोगिताएं हुईं।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरएस मेहरा ( Principal Dr. RS Mehra)  ने कहा कि दैनिक जीवन में छोटी-छोटी जिज्ञासाओं से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न होता है, और यही जिज्ञासाएं, भविष्य में वैज्ञानिक को जन्म देती है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ हरप्रीत रंधावा (Dr. Harpreet Randhawa) ने कहा कि दीर्घकालिक सुरक्षित मानव जीवन के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का एकीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए देश उन्नति के पथ पर अग्रसर होगा। कार्यक्रम समन्वयक डॉ शिरीष परसाई (Dr. Shirish Parsai) ने बताया कि विज्ञान दिवस २०२२ की थीम दीर्घकालिक भविष्य के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी मैं एकीकृत दृष्टिकोण है। अत: भारत के निकट भविष्य की चुनौतियों व समस्याओं पर सार्वजनिक चर्चा, समाधान से संबंधित वैज्ञानिक मुद्दों की सार्वजनिक सराहना हेतु कार्य करना आवश्यक है। डॉ. संजय आर्य (Dr. Sanjay Arya) ने कहा कि सबसे जरूरी बात है हमारे मन में किसी चीज को लेकर सवाल उठना यानी जिज्ञासा का होना। यदि आप जिज्ञासु हैं तो दैनिक जीवन में कुछ न कुछ उपयोगी जरूर खोज लाएंगे। संचालन डॉ. संजय आर्य तथा आभार प्रदर्शन डॉ. श्रद्धा जैन (Dr. Shraddha Jain) ने किया।
इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता मेंं प्रथम प्रिया कुमारी, द्वितीय आशी चौरे, तृतीय शिखा चौधरीए निबंध में प्रथम रिया राठौर, द्वितीय स्नेहा भलावी व रक्षा साहू, तृतीय फलक अली, पोस्टर तथा चार्ट निर्माण में प्रथम अदिति भारती, द्वितीय संजना भलावी व मलायशा खान, तृतीय सायमा शाहीन व रसानंदा गौर रही। आलेख प्रतियोगिता में प्रथम ज्योति पूरनकर, द्वितीय स्नेहा कहार व तृतीय काजल चौधरी रही। इस अवसर पर पूनम साहू, हेमंत गोहिया, प्रियाश्री झा एवं अनेक छात्राएं उपस्थित थीं।

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AUTHORRohit

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