इटारसी। मध्य प्रदेश के छोटे से शहर इटारसी के उभरते सितारे राहुल चेलानी ने मायानगरी मुंबई में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। राहुल अब भारतीय इतिहास के महानायक छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में पर्दे पर जीवंत नजर आएंगे। महाराष्ट्र सरकार के 30 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए राहुल का चयन मुख्य भूमिका के लिए किया गया है। यह फिल्म किसी साधारण सिनेमाघर में नहीं, बल्कि मुंबई की पवई लेक पर स्थित दुनिया के सबसे बड़े म्यूजिकल वाटर फाउंटेन पर प्रदर्शित की जाएगी।
हजारों के ऑडिशन में ‘बोलती आंखों’ ने जीता दिल
निर्देशक संगीत वर्मा ने इस ऐतिहासिक भूमिका के लिए देश भर के हजारों कलाकारों का परीक्षण किया। राहुल के चयन का किस्सा बेहद दिलचस्प है। ऑडिशन के दौरान जब उन्होंने शिवाजी महाराज का प्रसिद्ध संवाद ‘गढ़ आला, पण सिंह गेलाÓ बोला, तो वे भावनाओं में इस कदर डूब गए कि उनकी आंखों से असली आंसू छलक पड़े। निर्देशक का मानना है कि इस फिल्म में संवादों से ज्यादा आंखों के अभिनय की जरूरत थी और राहुल की आंखों में वह तेज और दर्द बखूबी नजर आता है जो शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व की विशेषता थी।
प्रोजेक्ट की भव्यता : तकनीक और इतिहास का संगम
यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक का एक बेजोड़ उदाहरण है। मुंबई की पवई लेक पर 180 मीटर चौड़े और 40 मीटर ऊंचे पानी के फुहारों पर फिल्म का प्रदर्शन होगा। फिल्म में 49 फायर नोजल, वल्र्ड-क्लास साउंड सिस्टम और उच्च स्तरीय वीएफएक्स का उपयोग किया गया है। अप्रैल माह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और संभवत: प्रधानमंत्री की उपस्थिति में इसका लोकार्पण होगा। इसके बाद यहां प्रतिदिन दो शो दिखाए जाएंगे।
डेढ़ साल का कड़ा संघर्ष और समर्पण
एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल ने इस किरदार में ढलने के लिए पिछले डेढ़ साल से अपनी दाढ़ी नहीं कटवाई। राजा भोज के सफल किरदार के बाद राहुल के करियर का यह दूसरा सबसे बड़ा ऐतिहासिक अवसर है। राहुल का कहना है कि इटारसी जैसे शहर से निकलकर शिवाजी महाराज जैसे युगपुरुष का किरदार निभाना मेरे लिए सौभाग्य और जिम्मेदारी की बात है। राहुल की इस सफलता की खबर लगते ही इटारसी में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय नागरिकों और कला प्रेमियों का मानना है कि राहुल का यह सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपनों को पूरा करना चाहते हैं।








