नर्मदापुरम। हर बच्चे का दिल एक नई उम्मीद से धड़कना चाहिए, और इस उम्मीद को हकीकत में बदलने की पहल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत नर्मदापुरम जिले में की गई है। हृदय रोग से जूझ रहे 22 बच्चों को नि:शुल्क सर्जरी और उपचार के लिए भोपाल रवाना किया जाएगा। यह कदम उनके परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा और बच्चों के लिए स्वस्थ जीवन का तोहफा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गेहलोत ने बताया कि विश्व हृदय रोग जागरूकता माह के तहत, शुक्रवार, 3 अक्टूबर, 2025 को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र, नर्मदापुरम में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर में भोपाल के एलएन मेडिकल कॉलेज एवं जेके हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने 32 हृदय रोग से पीडि़त बच्चों के स्वास्थ्य का गहन परीक्षण किया। जिला अस्पताल नर्मदापुरम के डॉ. सुनील जैन ने भी इस महत्वपूर्ण जांच कार्य में सहयोग किया।
परीक्षण के बाद, गंभीर उपचार की आवश्यकता वाले 22 बच्चों की पहचान की गई, जिन्हें ‘पॉजिटिव’ पाया गया है। इन सभी बच्चों को उच्च स्तरीय चिकित्सा और हृदय रोग की सर्जरी के लिए भोपाल भेजा जाएगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह पूरा उपचार और ऑपरेशन नि:शुल्क होगा। सीएमएचओ डॉ. गेहलोत और जिला समन्वयक कविता साल्वे ने बच्चों के माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें समझाया कि बच्चों की सर्जरी के लिए उन्हें भोपाल भेजने का प्रबंध किया जा रहा है। उन्होंने पालकों को विश्वास दिलाया कि बच्चों को जीवनदान देने वाली सर्जरी के लिए किसी तरह का आर्थिक भार नहीं उठाना पड़ेगा।
इस मानवीय पहल से नर्मदापुरम के कई परिवारों में नई आशा जगी है। शिविर में डीआईसी के समस्त स्टाफ की उपस्थिति रही, जिन्होंने जांच कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग किया। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि आर्थिक तंगी, किसी भी बच्चे के स्वस्थ भविष्य के आड़े न आए।









