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स्मार्ट मीटर : आधुनिक भारत की नई ऊर्जा क्रांति या केवल एक भ्रम?

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मिलिन्द रोंघे, 9425646588

Baldness has hope from politics

विगत अनेक दिनों से पुरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाये जाने को लेकर कही-कहीं विरोध किया जा रहा है, इस संबध में विभिन्न समाचार पत्रों में अनेक समाचार भी प्रकाशित हुए है जिसके कारण चल रही अनेक भ्रांतियॉ के कारण अनेक नागरिक भ्रमित हो रहे है कि स्मार्ट मीटर लगवायें या नहीं ? यही कारण है कि अनेक स्थानों पर विद्युत मण्डल वाले स्मार्ट मीटर लगाने जाते है वहॉ के नागरिक यह कहते है कि पहले दूसरी कालोनी में लगाओ फिर हमारे यहॉ लगाना । यद्यपि मेरे निवास पर स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है ।

अपन विद्युत वितरण कंपनी के प्रवक्ता भी नहीं है लेकिन स्मार्ट मीटर के संबंध में जो जानकारी प्राप्त हुई है उसके अनुसार मीटर लगाने का काम विद्युत कंपनी का है उपभोक्ता को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी पसंद का मीटर चयनित करे। वैधानिक प्रावधानों के अनुसार मीटर बदलने के लिए किसी भी उपभोक्ता की सहमति लिया जाना आवश्यक नहीं है कुछ लोगों को यह भ्रम है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली का बिल ज्यादा आवेगा, उक्त धारणा के संबध में विद्युत वितरण कंपनी का तर्क है कि स्मार्ट मीटर लगाने पर इसमें सुबह 9 से शाम 5 बजे तक उर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है जिससे उपभोक्ताओं/नागरिकों को लाभ होगा क्यों कि इस अवधि में अधिकतर घरेलु काम, पानी गरम करना, या वाशिंग मशीन चलाने आदि काम होते है। नर्मदापुरम् जिले में विभिन्न श्रेणी के लगभग दो लाख विद्युत कनेक्शन है, अनेक जगह यह काम तेजी सेे चल रहा है लेकिन इटारसी में इसकी गति थोड़ी धीमी है।

स्मार्ट मीटर केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 23.12.2019 के विनिमय-4 एवं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 31 दिसम्बर 2020 के विनियम-5 ”मीटरिंग’ तथा मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2011 के अध्याय 8 ‘विद्युत मापन तथा बिलिंग’ के दिशा निर्देशों के अनुपालन में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक उर्जा लेखांकन के लिए लगाए जा रहे है। केन्द्र सरकार की आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत पावर फायनेंस कॉर्पोरेशन, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र क्रंमॉंक 76020 दिनांक 17.03.2022 द्वारा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को प्रदत्त स्वीकृति के अंतर्गत विद्युत उपभोक्ताओं के यहॉ स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है । स्थापित किये जा रहे स्मार्ट मीटर, भारतीय मानकों यथा आई.एस. 16444 एवं आई.एस. 15959 अनुसार है । जो स्मार्ट उर्जा मीटरों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते है । आई.एस. 16444 एसी स्टैटिक स्मार्ट के लिए सामान्य आवश्यकताओं और परीक्षणों पर केन्द्रित है जबकि आई.एस. 15959 बिजली मीटर रीडिंग, टैरिफ और लोड नियंत्रण के लिए डेटा एक्सचेंज प्रोटोकाल को कवर करता है । ये मानक स्मार्ट मीटरिंग प्रणालियों में डेटा छेड़छाड़ का पता लगाने और सुरक्षित संचार निश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है । उल्लेखनीय है कि विद्युत खपत एवं बिलों में पारदर्शिता, रियल टाइम खपत की निगरानी, लाइन हानियों एवं विद्युत चोरी का पता लगाने में अधिक उपयुक्त होने आदि के दृष्टिगत स्मार्ट मीटर स्थापित किये जा रहे है। तकनीकि विकास के परिप्रेक्ष्य में उपलब्ध नवीनतम तकनीक पर आधारित मीटरों/विद्युत उपकरणों का उपयोग विद्युत प्रणाली के संचालन ,नियंत्रण एवं मापन हेतु किया जाता है ताकि गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय उपलब्ध कराने के साथ-साथ विद्युत के उपयोग की मात्रा की भी सटीक गणना की जा सके । उल्लेखनीय है कि पूर्व में स्थापित मीटरों में रियल टाइम डाटा, नियंत्रण केन्द्र पर प्राप्त करने की सुविधा नहीं थी । परंतु स्मार्ट मीटर में रियल टाइम डाटा जैसे कि 15 मिनट का लोड सर्वे डाटा, प्रतिदिन की खपत, मासिक खपत, विद्युत व्यवधान, विद्युत भार एवं टी.ओ.डी. के अनुसार खपत की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। स्मार्ट मीटर बगैर किसी किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित तरीके से खपत दर्ज करता है, इससे विद्युत चोरी की गुंजाइश पर विराम लगेगा और विद्युत कंपनी को उपभोक्ता की वास्तविक खपत प्राप्त होती है जिससे विद्युत बिल में त्रुटि होने की संभावना नगण्य होती है।

स्मार्ट मीटरों के लिए अलग से कोई शुल्क उपभोक्तओं से नहीं लिये जा रहा है। आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत लगाये जा रहे स्मार्ट मीटरों के पूर्ण रूपेण प्री-पेड होने के पश्चात आज की स्थिति में प्रति उपभोक्ता मीटर कुल 900/- का अनुदान भारत सरकार की ओर से दिया जा रहा है एवं शेष राशि विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वहन किये जाने का प्रावधान है। विधानसभा में दिनांक 31 जुलाई 2025 को उर्जामंत्रीजी द्वारा दी गयी जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से मॉडल के आधार पर ए.एम.आई.एस.पी.(एडवांस मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर) के द्वारा मीटर क्रय करवाकर लगवाये जा रहे है । म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से जारी क्रं. 962 दिं. 07.08.2023 से जारी निविदा में छ: फर्मो यथा मेसर्स अडानी एनर्जी गुजरात, मेसर्स अप्रावा एनर्जी प्रा.लि. मुम्बई, मेसर्स अल्फनार पावर गुरूग्राम, मेेसर्स एच.आई. प्रन्ट टेक्नोलॉजी जयपुर, मेसर्स मोन्टेकार्लो लिमि. गुजरात एवं मेसर्स टेक्नो इलेक्ट्रिक एण्ड इंजि.कं.लि. गुरूग्राम द्वारा भाग लिया गया। जिसमें मेसर्स अल्फनार पावर प्रायवेट लिमिटेड, गुरूग्राम को 11,42,040 स्मार्ट मीटर लगाने हेतु 1163.4 करोड़ का कार्यादेश दिं. 10.01.2024 को जारी किया। कंपनी की ओर से जारी क्रं. 798 दिं. 27.07.2022 से जारी निविदा में पांच फर्मो यथा मेसर्स अडानी ट्रांसमिशन अहमदाबाद, मेसर्स अल्फनार कंपनी सउदी अरब, मेसर्स जीनस पावर जयपुर, मेसर्स इंडिया पावर कार्पोरेशन कोलकाता एवं मेसर्स अप्रावा एनर्जी प्रा.लि. मुम्बई द्वारा भाग लिया गया जिसमें से मेसर्स अप्रावा एनर्जी पावर प्रायवेट लिमिटेड,अहमदाबाद को 9,57,758 स्मार्ट मीटर लगाने हेतु राशि 896.16 करोड़ का कार्यादेश दिनांक 09.10.2024 को जारी किया गया है। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम्,राजगढ़, बैतुल,ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, भिण्ड, मुरैना, एवं अशोक नगर में स्मार्ट मीटर लगाया जाना स्वीकृत हुआ है।

विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के आदेश दिनांक 16.09.2023 के निर्देशानुसार भविष्य में स्मार्ट मीटरों की स्थापना हेतु जारी होने वाली निविदाओं में 5 प्रतिशत चेक मीटर लगाये जाने का प्रावधान रखा जाना है। भारत सरकार के निर्देशों से पूर्व में स्थापित स्मार्ट मीटरों के संबध में शिकायत होने पर चेक मीटर लगाकर उपभोक्ता की संतुष्टि का निराकरण किया जाना है। विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा 31 हजार से अधिक चेक मीटर लगाये गये है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने से विद्युत उपभोक्ताओं को विभिन्न लाभ यथा विद्युत खपत एवं बिलों में पारदर्शिता रियल टाइम खपत की निगरानी, शासन की सब्सिडी योजनाओं का लाभ पात्र उपभोक्ताओं को प्राप्त होगा। उक्त के अतिरिक्त निम्न दाब उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर स्थापित कराए जाने पर दिन के समय ( सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ) उर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। स्मार्ट मीटरों में नेट मीटरिंग की उपलब्धता होने के दृष्टिगत सोलर का विकल्प लेने वाले उपभोक्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के इसका लाभ प्राप्त हो रहा है।

उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग या अन्य असुविधा होने पर 1912, वॉइस बॉट, चेटबॉट एवं स्मॅाट बिजली ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गयी है।

द ग्रेंड एवेन्यू कालोनी इटारसी

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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