इटारसी। साल की अंतिम पूर्णिमा का चंद्रमा कल गुरुवार, 4 दिसंबर शाम को आकाश में एक दुर्लभ और शानदार नजारा पेश करने जा रहा है। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह चंद्रमा न सिर्फ पूर्णिमा का होगा, बल्कि यह एक सुपरमून भी होगा, जिसे कोल्ड मून नाम दिया गया है।
पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा
चंद्रमा सारिका घारू ने बताया कि सुपरमून तब होता है जब पूर्णिमा का चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए उसके सबसे निकटतम बिंदु पर होता है, जिसे खगोल विज्ञान की भाषा में पेरिजी कहते हैं।
- दूरी : कल चंद्रमा पृथ्वी के बेहद करीब होगा और इसकी दूरी लगभग 3 लाख 57 हजार 218 किलोमीटर होगी।
- समय : शाम को उदित हुआ चंद्रमा रात भर आकाश में दिखाई देगा और सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर यह पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु पर आ जाएगा।
पास आने के कारण, यह चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा के चंद्रमा से बड़ा और अधिक चमकीला दिखाई देगा।
कैसे देखें यह अद्भुत नजारा
सारिका घारू ने दर्शकों को इस खगोलीय घटना का आनंद लेने के लिए कुछ खास बातें बताईं।
- मून इल्यूजन : उदित होते समय (शाम के वक्त) देखने पर मून इल्यूजन के कारण चंद्रमा और भी अधिक विशाल दिखाई देगा।
- कोई उपकरण जरूरी नहीं : इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यह नजारा पूरी रात खुली आंखों से देखा जा सकता है।
- चमक का अनुभव : अगर आप शहर की तेज रोशनी से दूर वाले स्थान से देखेंगे, तो इस सुपरमून की चांदनी की चमक को और भी अच्छे से महसूस कर पाएंगे।
सारिका घारू ने सभी खगोल प्रेमियों से अपील की है कि वे इस साल को विदा देते इस अंतिम कोल्ड सुपरमून को देखने के लिए तैयार रहें और इस अद्भुत खगोलीय घटना का आनंद लें।








