इटारसी। मध्यप्रदेश के प्रमुख तवा बांध में पिछले पंद्रह दिन में तीन फुट पानी का लेबल बढ़ा है। 15 जून को जब मानसून की आमद का पहला दिन माना जाता है, बांध का जलस्तर 1116.30 फिट था, आज 30 जून को यह 1119.30 है। बांध करीब 11.41 फीसद भरा है, तथा सभी गेट बंद हैं। तवा के कैचमेंट एरिया में अब तक 95.40 मिमी वर्षा हो चुकी है।
नर्मदापुरम जिले में पिछले चौबीस घंटे में 26.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है, इनमें सबसे अधिक सिवनी मालवा में और सबसे कम माखननगर में दर्ज हुई है। पिछले चौबीस घंटे में दर्ज बारिश तहसीलवार देखें तो सिवनी मालवा में 48 मिमी, नर्मदापुरम 42.2, डोलरिया 38.4, पचमढ़ी 28 मिमी, इटारसी 21.8 मिमी, बनखेड़ी 18.2, पिपरिया 16.2, सोहागपुर 13 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जिले में अब तक कुल औसत वर्षा 143.3 मिमी हुई है, तथा जिले की सामान्य औचत वर्षा 1370.5 मिमी है।
मानसून की स्थिति
दक्षिण-पश्चिमी मानसून राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शेष भागों और पूरी दिल्ली में आगे बढ़ गया है। इस प्रकार, यह अब पूरे देश को कवर कर चुका है, जबकि सामान्य तिथि 08 जुलाई है (पूरे भारत को कवर करने की सामान्य तिथि से 9 दिन पहले)। अगले 2 दिनों के दौरान इसके उत्तर ओडिशा, गंगा के तटीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे की संभावना है।
पूर्व-पश्चिम गर्त अब दक्षिण राजस्थान और उससे सटे उत्तर गुजरात के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण से लेकर उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर बने निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक जा रहा है, जो मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर ओडिशा में औसत समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी ऊपर है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है और यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश के मध्य भागों में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर चक्रवाती घेरा बना है।
सौराष्ट्र और कच्छ तथा उससे सटे दक्षिणी राजस्थान पर बना निम्न दबाव क्षेत्र 29 जून 2025 को सुबह 0830 बजे कम हो गया है। हालांकि, संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण अब दक्षिणी राजस्थान तथा उससे सटे उत्तरी गुजरात पर स्थित है तथा औसत समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी अरब सागर के मध्य भागों पर स्थित है तथा औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है।
पूर्वानुमान अगले 24 घंटों के लिए
गुना और श्योपुर कलां जिलों के अधिकांश स्थानों पर। भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, शहडोल, जबलपुर और सागर संभाग तथा अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली और सीधी जिलों के कई स्थानों पर बारिश होगी।
भारी वर्षा (64.5 – 115.5 मिमी)
सीहोर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिलों में डी स्थान। पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तेज हवा (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ गरज के साथ तूफान आने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।








