नर्मदापुरम। आप भले अपनी जान के प्रति सजग न हों, और लापरवाह बने रहें, इससे सरकार को तो फायदा हो ही रहा है। आपकी लापरवाही ने पिछले पंद्रह दिन में सरकार के खजाने में 10 लाख रुपए से ज्यादा राशि जमा करा दी है।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से नर्मदापुरम पुलिस द्वारा चलाया गया 15 दिवसीय विशेष अभियान कल, 22 सितंबर को समाप्त हो गया। इस अभियान के तहत 8 सितंबर से 22 सितंबर तक कुल 2882 चालान काटे गए, जिससे 10,09,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस थोटा के निर्देश पर और डीएसपी यातायात व सभी अनुभाग के एसडीओपी के नेतृत्व में यह अभियान पूरे जिले में चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीटबेल्ट, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, मोबाइल का उपयोग करने, और बिना कागजात के वाहन चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर विशेष ध्यान दिया।
इस 15 दिवसीय अभियान में
- बिना हेलमेट : 2174 चालान
- बिना सीट बेल्ट : 400 चालान
- गलत दिशा में वाहन चलाना : 47 चालान
- शराब पीकर वाहन चलाना : 34 मामले (इनमें से 34 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जा रहे हैं)
- तेज गति से वाहन चलाना : 10 चालान
- नाबालिग द्वारा वाहन चलाना : 3 चालान
- मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना : 2 चालान
- बिना लाइसेंस : 5 चालान
- बिना फिटनेस : 2 चालान
जागरूकता और सख्त नियम
पुलिस ने इस अभियान के तहत चालान काटने के अलावा, लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। एनएमव्ही कॉलेज और अन्य स्थानों पर छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में बताया गया। इस दौरान नि:शुल्क हेलमेट का भी वितरण किया गया।
नाबालिगों को वाहन न देने की अपील
पुलिस ने नाबालिगों को वाहन न देने की अपील करते हुए सख्त कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन नियम 2019 के अनुसार, यदि कोई नाबालिग वाहन चलाता पकड़ा जाता है, तो वाहन मालिक को तीन साल तक की कैद और 25,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही, वाहन का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए रद्द कर दिया जाता है, और नाबालिग का लाइसेंस 25 साल की उम्र तक बनने से रोका जा सकता है।
कागजात हमेशा अपने साथ रखें
यातायात पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अपनी असुविधा से बचने के लिए वाहन के सभी कागजात हमेशा अपने साथ रखें और जीवन की सुरक्षा के लिए हेलमेट या सीट बेल्ट का उपयोग करें। यह भी स्पष्ट किया गया है कि भले ही विशेष अभियान समाप्त हो गया हो, लेकिन पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। खास बात यह है कि यह पूरा अभियान पुलिस द्वारा अकेले चलाया गया, जिसमें आरटीओ शामिल नहीं था।









