- मुख्यमंत्री डॉ यादव ने 11 ट्रेक्स क्रूजर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
पचमढ़ी। म.प्र. पर्यटन विभाग ने वाइल्ड लाइफ प्रेमियों और पर्यटकों को एक नई सौगात दी है। प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाते हुए विभाग ने जंगल सफारी के लिए नए आरामदायक ट्रेक्स क्रूजर वाहन उपलब्ध कराए हैं। इन नये वाहनों में एक साथ 9 पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। अब तक पुराने जिप्सी वाहनों में छह पर्यटक ही जा पाते थे।
नये वाहन में 9+1 सीटों की व्यवस्था
पर्यटकों के भ्रमण को और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से प्रथम चरण में डीजल चलित कुल 11 ट्रेक्स क्रूजर वाहन खरीदे हैं। इनमें 9+1 सीटों की व्यवस्था है, जो कि परंपरागत जिप्सी वाहनों की तुलना में तीन सीट अधिक है। साथ ही, इनकी लंबाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। यह सभी वाहन पर्यटन निगम की विभिन्न इकाइयों में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे जंगल सफारी के अनुभव को और भी रोमांचक और आरामदायक बनाया जा सकेगा।
33.88 करोड़ से अधिक के कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12.49 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किए गए पर्यटन विभाग के 5 कार्यों का लोकार्पण किया। जिनमें जटाशंकर एवं पांडव केव्स पर 19 लाख रुपये की लागत से निर्मित पिंक टॉयलेट लाउंज, जयस्तंभ क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की लागत से मार्गों के दोनों ओर विकसित पाथवे, धूपगढ़ में 60 लाख रुपये की लागत से जलगली से जलप्रदाय पाइपलाइन और पंप हाउस, पचमढ़ी प्रवेश द्वार का 35 लाख रुपये का सौंदर्यीकरण, तथा सतपुड़ा रिट्रीट में 1.35 करोड़ रुपये की लागत से किए गए किचन, रेस्टोरेंट नवीनीकरण और स्विमिंग पूल निर्माण शामिल हैं।
प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री ने 21.39 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इन कार्यों में हांडीखो में 1.98 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के विकास, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में 2.13 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाओं का विकास, पॉलिथिन मुक्त पचमढ़ी के लिए 34 लाख रुपये की लागत से आरओ जल प्रदाय प्लांट की स्थापना, हिलटॉप बंगले को 6.70 करोड़ रुपये की लागत से होम स्टे में बदलने का कार्य, योजना के अंतर्गत 9.90 करोड़ रुपये की लागत से कम्युनिटी सेंटर का विकास, तथा ग्लेन व्यू में 34 लाख रुपये की लागत से केंद्रीय नर्सरी की स्थापना शामिल हैं।









