दमोह। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के नवाचारों की कड़ी में दमोह जिला एक नया आयाम स्थापित करने जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य के आगामी पंचायत उप-निर्वाचन को पूरी तरह पेपरलेस बनाने के लिए मतदाताओं के बीच जागरूकता का अनूठा अभियान चलाया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग की ब्रांड एंबेसडर सारिका घारू लोककला और पपेट शो के माध्यम से ग्रामीणों को इस नई डिजिटल प्रक्रिया से रूबरू करा रही हैं।
निर्वाचन आयोग और प्रशासन का अनूठा मार्गदर्शन
यह पूरा अभियान राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव, सचिव दीपक सिंह के मार्गदर्शन और दमोह कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार कोचर के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। सारिका घारू ने बताया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए लोकनृत्य, पोस्टर और अन्य रोचक गतिविधियों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि हर मतदाता इस आधुनिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।
पेपरलेस चुनाव के फायदे
ब्रांड एंबेसडर सारिका ने मतदाताओं को इस प्रक्रिया के लाभ समझाते हुए बताया कि पेपरलेस इलेक्शन के माध्यम से मतदान के प्रतिशत को रियल टाइम में देखा जा सकेगा। वोटरों की पहचान डिजिटल रूप से की जाएगी, जिससे फर्जी मतदान की गुंजाइश खत्म होगी। कागज का उपयोग न होने से पेड़ों की कटाई रुकेगी और कचरा कम होगा। चुनावी सामग्री और परिवहन की लागत में भी भारी कमी आएगी।
मतदाताओं में भारी उत्साह
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय मतदाता भी इस नवाचार को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। लोकनृत्य के माध्यम से मतदाताओं ने यह संकल्प लिया कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचकर दमोह के इस गौरवशाली प्रयास को सफल बनाएंगे।









