इटारसी (नर्मदापुरम)। इटारसी पुलिस ने रेलवे यार्ड रोड (Railway Yard Road) के पास मिले अज्ञात महिला के शव (dead body of unknown woman) ) की गुत्थी को सुलझाते हुए ‘अंधे कत्ल’ का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और करीब 2000 सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी को बिहार के रोहतास जिले (District Rohtas of Bihar) से गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह शादी का दबाव और चरित्र पर संदेह बताई जा रही है।
क्या था मामला?
बीते 6 जनवरी 2026 को फरियादी आबिद खान ने सूचना दी थी कि नागपुर रेलवे लाइन आउटर के पास एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। थाना इटारसी में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया था।
“यार्ड रोड पर युवती की पत्थर से कुचलकर हत्या, एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर”
सीसीटीवी और सायबर सेल ने बिछाया जाल
पुलिस अधीक्षक साईं एस थोटा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के लगभग 2000 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीसीटीवी में मृतिका के साथ एक संदिग्ध युवक नजर आया, जिसने हत्या के वक्त और उससे पहले अलग-अलग कपड़े पहने थे। पुलिस ने हुलिए के आधार पर पोस्टर सोशल मीडिया पर जारी किए और सायबर सेल की मदद से तकनीकी डेटा जुटाया।
बिहार से गिरफ्तार हुआ आरोपी
मुखबिर और तकनीकी डेटा से मिले सुराग के आधार पर पुलिस की एक टीम बिहार के रोहतास जिले (थाना कच्छवा) पहुंची। वहां से रिजवान पिता नेहलउद्दीन खान (24 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या की वजह: ‘शादी का दबाव और धमकी’.
पूछताछ में पता चला कि मृतिका का नाम रिहाना खातून (भोजपुर, बिहार) था। आरोपी और मृतिका पड़ोसी गांव के थे और पिछले कुछ समय से चंद्रपुर (महाराष्ट्र) में साथ रह रहे थे।
- विवाद: रिहाना आरोपी पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी को उसके चरित्र पर संदेह था।
- वारदात: 4 जनवरी 2026 को दोनों ट्रेन से इटारसी पहुंचे। स्टेशन पर रिहाना ने धमकी दी कि यदि उसने शादी नहीं की, तो वह गांव जाकर पुलिस रिपोर्ट कर देगी।
- हत्या: इसी विवाद के चलते आरोपी रिजवान उसे बहाने से नागपुर लाइन आउटर के सुनसान यार्ड रोड पर ले गया और उसकी हत्या कर फरार हो गया।
पुलिस रिमांड पर आरोपी
पुलिस ने आरोपी रिजवान को न्यायालय में पेश कर 12 फरवरी 2026 तक का पुलिस रिमांड हासिल किया है, ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए साक्ष्य और अन्य कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस अंधे कत्ल को सुलझाने में निरीक्षक गौरव सिंह बुंदेला, पथरोटा थाना प्रभारी संजीव पंवार, थाना इटारसी स्टाफ, एसडीओपी कार्यालय, सायबर सेल नर्मदापुरम, आरपीएफ और विशेष रूप से आरक्षक राजकुमार झपाटे एवं संदीप यदुवंशी (सायबर सेल) की सराहनीय भूमिका रही।









