- सागर महासम्मेलन का बड़ा फैसला : टैक्स और दमनकारी नीतियों के विरोध में 2 मार्च से चक्काजाम
इटारसी। मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमराने वाली है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के बस ऑपरेटरों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। सागर में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 2 मार्च से पूरे मध्य प्रदेश में बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
विवाद की जड़ : टैक्स में 6 फीसद की भारी बढ़ोतरी
बस ऑपरेटरों के आक्रोश का मुख्य कारण परिवहन विभाग द्वारा टैक्स की दरों में की गई अप्रत्याशित वृद्धि है।
- टैक्स वृद्धि : बस ऑपरेटरों का कहना है कि टैक्स को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
- आर्थिक बोझ : डीजल की बढ़ती कीमतों और मेंटेनेंस के ऊंचे खर्च के बीच इस अतिरिक्त टैक्स बोझ को ऑपरेटर दमनकारी बता रहे हैं।
- राजपत्र में संशोधन : बस एसोसिएशन ने 24 दिसंबर 2025और 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित संशोधनों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
होली के त्योहार पर घर जाना होगा चुनौती
मार्च के पहले सप्ताह में होली का त्योहार है, जिसमें लाखों लोग बसों के जरिए अपने घरों को लौटते हैं। 2 मार्च से प्रस्तावित इस हड़ताल के कारण प्रदेश के भीतर और अंतरराज्यीय बस सेवाएं ठप हो जाएंगी। बस एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आंदोलन से जनता को होने वाली हर परेशानी की जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ शासन की होगी।
एक्शन प्लान : आज से प्रदेशभर में ज्ञापनों का दौर
सागर सम्मेलन के निर्णय के परिपालन में आज यानी 23 फरवरी से पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री और परिवहन आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। बस संचालकों ने सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए 7 दिन का समय दिया है। इस बार आंदोलन में मध्य प्रदेश के सभी छोटे-बड़े बस संचालक और यूनियन एक मंच पर आए हैं, जिससे चक्काजाम का व्यापक असर होने की संभावना है।









