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चुनौती के बीच गेहूं खरीदी में होशंगाबाद फिर बना प्रदेश में अग्रणी

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जिले में रिकॉर्ड खरीदी, 75709 किसानों से 852724 मीट्रिक खरीदी गया गेहूं

होशंगाबाद। होशंगाबाद जिले में कोरोना संक्रमण काल की चुनौतियों से तत्परता पूर्वक निपटने के साथ- साथ समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदी कार्य का जिला प्रशासन द्वारा सफल क्रियान्वन किया गया है। जिले में कलेक्टर धनंजय सिंह के निर्देशन में न केवल खरीदी के लिए निर्धारित सभी केन्द्रों पर किसानों की सुविधाओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए बल्कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी पूरी सजगता, सतर्कता और सुरक्षा बरती गई। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर रणनीति और मैनेजमेंट से किसानों के हित में कार्य किया गया है। जिला पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी गेहूं खरीदी में प्रदेश में अग्रणी बना है। होशंगाबाद जिले में पिछले वर्ष की तुलना में रिकॉर्ड खरीदी की गई है। जिले में 75709 किसानों से 852724 मीट्रिक टन खरीदी की गई हैं। पिछले वर्ष 70754 किसनों की तुलना में इस वर्ष 75709 किसानों से गेहूं की खरीदी की गई हैं।

ऐसे बने नंबर वन, यह रहें प्रमुख फैक्टर्स
जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण के संकट में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए सुव्यवस्थित खरीदी के लिए कारगर रणनीति बनाई गई और उसका मैदानी स्तर पर प्रभावी इंप्लीमेंटेशन किया गया। सेंटर सिलेक्शन , ट्रांसपोर्टिंग एंड स्टोरेज प्लानिंग, जिला स्तरीय नोडल ऑफिसर की तैनाती , किसानों को समय पर भुगतान, माइक्रो मॉनिटरिंग सिस्टम आदि फैक्टर्स पर विशेष काम किया गया।

तेजी से परिवहन, तेजी से भुगतान
जिला प्रशासन द्वारा खरीदी केंद्रों से गेहूं के उठाव के लिए परिवहन कर्ताओं से समन्वय कर ज्यादा से ज्यादा व्हीकल परिवहन कार्य में नियोजित किए गए। कलेक्टर द्वारा लगातार मॉनिटरिंग कर तेजी से परिवहन सुनिश्चित किया गया। जिले में समर्थन मूल्य पर 852724 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी गई तथा 842618 मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन किया गया है जो की कुल खरीदी मात्रा का 99 प्रतिशत है। साथ ही तेजी से भुगतान की कार्यवाही कर 72666 किसान भाइयों को 1566.95 करोड़ का भुगतान किया गया है, ताकि कोरोना महामारी के इस संकट किसान आर्थिक रूप से परेशान न हो।

खरीदी केंद्रो की व्यवस्थित मैपिंग
जिले में उपार्जन कार्य के पूर्व से ही सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की गई। समस्त एसडीएम, तहसीलदार, एवं उपार्जन संबंधी अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में समितियों का मौका भ्रमण कर खरीदी कार्य के लिए उपयुक्त केंद्रों का चयन करने की कार्यवाही की गई। जिले में किसानों की सुविधाओं हेतु 244 खरीदी केन्द्रों का निर्धारण किया गया। केंद्रों के चयन में उपज के तेजी से परिवहन एवं सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान दिया गया। इन केंद्रों पर बारदाना, तौलकांटा एवं अन्य लजिस्टिक्स की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की गई और आवश्यक लॉजिस्टिक्स की आपूर्ति हेतु प्रत्येक स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की गई।

गेहूं खरीदी की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था
कलेक्टर धनंजय सिंह द्वारा खरीदी केंद्रों पर चाक-चौबंद व्यवस्था एवं किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई गई है। जिसमें जिला,अनुविभाग एवं तहसील स्तर के प्रत्येक केंद्रों पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनके द्वारा ना केवल खरीदी कार्य की सघन मॉनिटरिंग बल्कि किसानों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा लगातार खरीदी कार्य की नियमित माइक्रो मॉनिटरिंग एवं मौका भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

कंट्रोल रूम बना मददगार
जिले में गेहूं खरीदी के संबंध में किसानों की समस्याओं का निराकरण हेतु स्थापित कंट्रोल रूम काफी मददगार साबित हुआ। खरीदी काल के दौरान कुल 759 शिकायतों का समाधान किया गया । इसके अलावा कंट्रोल रूम से खरीदी केंद्रों पर बारदाना सहित अन्य लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं समीक्षा हेतु कंट्रोल रूम में नियुक्त नोडल अधिकारी द्वारा प्रतिदिन सभी केंद्रों पर उपार्जन केंद्र प्रभारी से चर्चा कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई।

 

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