इटारसी। पिछले दो दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे इटारसी के युवक आरिफ खान चिश्ती की कहानी ने अब एक नया मोड़ लिया है। आरिफ द्वारा वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को अपनी एक किडनी दान करने की पेशकश आखिरकार महाराज तक पहुंच गई है। यह बात सामने आने के बाद आरिफ की मानवता और भाईचारे की मिसाल हर जगह चर्चा का विषय बनी हुई है।
महाराज का जवाब
आरिफ ने बताया कि शनिवार को उन्हें महाराज के आश्रम से प्रतीक जी का फोन आया। प्रतीक जी ने कहा कि उनका पत्र ईमेल के माध्यम से मिल गया है, और उनकी उदारता से महाराज बहुत प्रसन्न हुए हैं। हालांकि, महाराज ने यह पेशकश विनम्रतापूर्वक स्वीकार करने से मना कर दिया है। प्रतीक जी ने आरिफ को यह भी बताया कि उनकी सोच बहुत अच्छी है और महाराज जी जल्द ही उन्हें वृंदावन जरूर बुलाएंगे।
मानवता और सद्भाव की मिसाल
आरिफ का यह कदम धार्मिक सीमाओं से परे मानवता और आपसी सद्भाव का एक अद्भुत उदाहरण है। आरिफ का कहना है कि प्रेमानंद महाराज जैसे संतों का जीवित रहना देश के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि वे मानवता की मिसाल पेश करते हैं। गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियां खराब हैं और वे डायलिसिस के सहारे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। आरिफ के इस पत्र के सामने आने के बाद से ही, लगातार लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं और उनकी इस महान सोच की सराहना कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता।









