चार साल में 58 से 129 करोड़ का हो गया नर्मदा ब्रिज

चार साल में 58 से 129 करोड़ का हो गया नर्मदा ब्रिज

मंत्रि परिषण ने दी पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति
मदन शर्मा,नर्मदापुरम।
विगत चार वर्ष पूर्व 58 करोड़ रुपए का ब्रिज (Bridge) अब 129.68 करोड़ रुपए का हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक आज मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद ने नर्मदापुरम (Narmadapuram) जिले के औबेदुल्लागंज-नर्मदापुरम-नागपुर (Aubedullaganj-Narmadapuram-Nagpur) मार्ग में नर्मदा नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण लागत 129 करोड़ 68 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

नर्मदापुरम से बुदनी होते हुए राजधानी भोपाल (Capital Bhopal) को जोडऩे वाले नर्मदा नदी (Narmada River) पर बन रहे ब्रिज बनाने की कार्यावधि दिसंबर 2023 में खत्म हो जाएगी। वर्ष 2019 में स्वीकृत ब्रिज का काम जुलाई 2021 में पूरा होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण और जमीन संबंधी परेशानियों के अलावा बारिश से काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। अब विभाग ने ठेका कंपनी मेसर्स राजेश शर्मा औबेदुल्लागंज को दिसंबर 2022 और अब दिसंबर 2023 तक की मोहलत दी है। नर्मदापुरम की तरफ 3.5 किमी सडक़ बनना है। जिसके लिए अवार्ड पारित किया जा चुका है। एप्रोच रोड के लिए मिट्टी डाली जा रही है।

ऐेसे बढ़ी ब्रिज की लागत

जब इसका एस्टीमेट बना था, तो 58 करोड़ रुपए शासन ने इसके लिए स्वीकृत किये थे। इसके बाद जीएसटी के 18 प्रतिशत राशि बढ़ी, फिर टेंडर हुए तो 24 प्रतिशत बढ़कर रेट आए, भू-अर्जन किया तो 17 करोड़ रुपए मुआवजा के लिए बढ़े। भोपाल तिराहे से नर्मदा ब्रिज तक रोड, बुदनी (Budni) तरफ भी रोड के लिए करीब 38 किसानों की भूमि अधिग्रहण किया है। इस तरह से यह संपूर्ण राशि 129.68 करोड़ रुपए हो गयी।

नया ब्रिज बनने के बाद बेहतर होगा यातायात

नया ब्रिज बनने के बाद यातायात ओर बेहतर होगा। पुराने ब्रिज की मदद से वाहन चालक भोपाल से नर्मदापुरम आ सकेंगे, जबकि नर्मदापुरम से भोपाल जाने के लिए नए ब्रिज का उपयोग करना होगा। पुराने और नए ब्रिज के बीच 30 मीटर की दूरी रखी गई है। ब्रिज पूरी तरह से सेपरेट लेन पर बनाया जा रहा है। भोपाल तिराहे से ब्रिज पर आने-जाने के लिए सेपरेट लेन रहेगी।

पुराने ब्रिज से 4.5 मीटर चौड़ा और एक मीटर ऊंचा

नर्मदा नदी पर बने पुराने ब्रिज की चौड़ाई 7.5 मीटर है, जबकि नया ब्रिज 12 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इसके अलावा पुराने ब्रिज की ऊंचाई 21 मीटर है। नया ब्रिज इससे एक मीटर ऊंचा बनाया जाएगा। ब्रिज 33 पिलरों पर खड़ा रहेगा। 780 मीटर लंबा ब्रिज बनने से पुराने हो चुके नर्मदा ब्रिज पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा।

इनका कहना है…

नर्मदा पर दूसरे ब्रिज के लिए 129.68 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इसमें भू-अर्जन के लिए 38 किसानों को मुआवजा देना भी शामिल है।

एआर मौर्य, एसडीओ ब्रिज कार्पोरेशन

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AUTHORRohit

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