बेर भाजी आंवला, उठो देव सांवला के जय घोष के साथ जागे भगवान विष्णु

बेर भाजी आंवला, उठो देव सांवला के जय घोष के साथ जागे भगवान विष्णु

  • – गन्ने का मंडप सजाकर किया शालिग्राम तुलसी विवाह, निकली बारात
  • – पांच माह से बंद पड़े मांगलिक और वैवाहिक कार्य शुरू होंगे, गूंजेगी शहनाइ

इटारसी। बेर भाजी आंवला उठो देव सांवला के जय घोष के साथ क्षीरसागर में 5 माह से विश्राम कर रहे भगवान विष्णु को जगाया गया, उनकी पूजा अर्चना की गई तत्पश्चात शालिग्राम तुलसी का विवाह संपन्न कराया गया। शहर के लगभग हर घर में गन्ने का मंडप बनाकर उसके नीचे तुलसी जी और शालिग्राम को बिठाकर उनका विधि विधान से विवाह संपन्न कराया गया।

शहर के कुछ स्थानों पर पूर्व परंपराओं के अनुसार भगवान शालिग्राम की बारात निकाली गई और तुलसी के साथ विवाह संपन्न कराया। लकडग़ंज स्थित नव ग्रह दुर्गा मंदिर में यह परंपरा बरसों से चली आ रही है। श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर पर 32 वे वर्ष में तुलसी शालिग्राम विवाह पर ढोल बाजे आतिशबाजी के साथ बारात निकाली। तुलसी एवं शालिग्राम का विवाह वैदिक रीति से हुआ। देवउठनी ग्यारस के अवसर पर श्री दुर्गा नगर मंदिर को विशेष तौर पर सजाया गया था एवं तुलसी एवं शालिग्राम यानी कि विष्णु भगवान का विवाह मंदिर के पुजारी सत्येंद्र पांडेय एवं पीयूष पांडेय ने संपन्न कराया।

विवाह में सुनील दुबे एवं श्रीमती किरण दुबे ने कन्यादान किया। इस अवसर पर प्रमोद कीर्ति पगारे, सुरेंद्र राजपूत, उदित दुबे, दीपक जैन, ओमप्रकाश केथवास, मयंक कलोसिया एवं श्रद्धालु उपस्थित थे। मंदिर के सामने से ही ढोल बाजे के साथ जोरदार आतिशबाजी करते हुए भव्य बारात निकाली गई। सुनील एवं किरण दुबे ने माता तुलसी का कन्यादान किया। गन्ने की झोपड़ी में भगवान विष्णु और तुलसी के पौधे को विशेष रूप से विराजित किया था, और उसी के साथ फेरे, पात्र बने राज मिश्रा एवं पूजा मिश्रा की सुपुत्री अंतर्राष्ट्रीय कलाकार श्रेया एवं सौम्या मिश्रा ने लगाए। तुलसी विवाह के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमोद पगारे ने कहा कि 32 वें वर्ष में धार्मिक भावना के अनुरूप सफल आयोजन संपन्न हुआ।

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AUTHORRohit

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