श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह आदर्श सामाजिक व्यवस्था का उदाहरण

श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह आदर्श सामाजिक व्यवस्था का उदाहरण

इटारसी। श्रीमद् भागवत कथा (Shrimad Bhagwat Katha) ज्ञान यज्ञ का आयोजन साईं की बगिया (Sai Ki Bagiya) न्यास कॉलोनी में संपन्न हो गया है। कथावाचक पंडित अंकित कृष्ण तेनगुरिया (Pandit Ankit Krishna Tenguriya) ने कथा के दौरान कहा कि जैसे-जैसे समाज का परिवेश समय के साथ बदला समाज की विवाह सामाजिक व्यवस्था भी बदल गई। परंतु द्वापर काल से श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह (Shri Krishna Rukmani Vivah) आदर्श सामाजिक व्यवस्था का एक अनुपम उदाहरण बना हुआ है।

श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन की कथा को विस्तार देते हुए विदिशा (Vidisha) के पंडित अंकित कृष्णा तेनगुरिया ने अपने मुखारविंद से श्री कृष्णा रुक्मणी जी के विवाह प्रसंग की कथा को उपस्थित श्रद्धालु श्रोताओं को श्रवण कराया। उन्होंने बताया कि आज के युग में परिवेश बदला है, लेकिन द्वापर के समय भगवान श्री कृष्ण एवं रुक्मणी जी का विवाह तब से लेकर अब तक आदर्श सामाजिक व्यवस्था का सबसे अनुपम उदाहरण है। आज कथा स्थल पर श्रीमद् भागवत की समापन दिवस पर श्री कृष्ण सुदामा मित्रता प्रसंग का बखान कथा वाचक ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष उपस्थित थे।

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AUTHORRohit

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