गुरूवार, मई 30, 2024

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कुपोषित बच्चों के घर पहुंचे अधिकारी और ये दी समझाईश

होशंगाबाद। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले में अति गंभीर कुपोषित बच्चों को कुपोषण के कुचक्र से बाहर निकालने महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले द्वारा घर -घर जाकर चिन्हित कुपोषित बच्चों को समक्ष में पोषण आहार खिलाया जा रहा है, साथ ही उनके परिवारों को पोषण आहार संबंधी समझाइश भी दी जा रही है।
आज जिला कार्यक्रम अधिकारी ललित कुमार डेहरिया (Lalit Kumar Dehria), परियोजना अधिकारी होशंगाबाद ग्रामीण प्रमोद गौर (Pramod Gaur), पर्यवेक्षक श्रीमती प्रीति वर्मा (Mrs. Preeti Verma) व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ ग्राम रोहना के दो कुपोषित बच्चों के घर पहुंचे। बालक आदर्श साहू के घर पहुंच कर उसकी माता श्रीमती अनिता साहू ( Mrs. Anita Sahu) को पोषण संबंधी समझाइश दी गई और बच्चे को दाल-चावल एवं उसमें अतिरिक्त घी डाल कर समक्ष में सेवन कराया। बच्चे की माता से पूछा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तीनों समय आकर बच्चे को समक्ष में भोजन करा रही है अथवा नहीं। बच्चे की मां ने कहा कि सुबह का भोजन कार्यकर्ता ने बच्चे को समय में ही कराया, यह भी बताया की उसे अच्छी गुणवत्ता युक्त रेडी टू ईट (Ready to Eat ) एवं अतिरिक्त टेक होम राशन (Take Home Ration) भी बच्चे के लिए प्राप्त हुआ है।
बालक तनिष्क यादव की माता श्रीमती शांति द्वारा जो भोजन बच्चे को दोपहर में दिया जा रहा था वह स्वादिष्ट था, परंतु उसमें पर्याप्त कैलोरी नहीं थी अत: बच्चे को किस प्रकार का उच्च कैलोरी वाला भोजन दिया जाए परिवार को समझाइश देकर कार्यकर्ता को बच्चे को तीनों समय समक्ष में पौष्टिक भोजन कराने व पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी को इसकी सतत निगरानी करने हेतु निर्देशित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने होशंगाबाद ग्रामीण परियोजना के सेक्टर सांवलखेड़ा में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया और कलेक्टर नीरज सिंह के मार्गदर्शन में बनाई गई जिले की कार्य योजना के मुख्य बिंदुओं से अवगत कराते हुए उनके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हेतु निर्देशित किया। ज्ञातव्य है कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में सितंबर 2021 की स्थिति में जो भी बच्चे अति गंभीर रूप से कुपोषित हैं उन्हें 14 नवंबर तक सामान्य श्रेणी में लाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है,जिसके लिए एक विशेष कार्ययोजना भी बनाई है ताकि 14 नवंबर तक वर्तमान में सभी अतिगंभीर कुपोषित बच्चों को सामान्य की श्रेणी में लाया जा सके।

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