भोपाल। मध्यप्रदेश के सीएम राइज स्कूल अब सांदीपनि विद्यालय कहलाएंगे। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम राइस स्कूल को अंग्रेजों जैसा नाम बताते हुए इनका नाम बदल दिया है। सीएम राइस स्कूल की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। स्कूल चलें हम अभियान 2025 के तहत ‘राज्य-स्तरीय प्रवेशोत्सव’ पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम राइज स्कूल का नाम बदलकर सांदीपनी स्कूल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अंग्रेज तो चले गए, सीएम राइज स्कूल नाम खटकता है। इसका नाम बदलने की इच्छा है। अब से सीएम राइज स्कूल नहीं होगा यह अब सांदीपनी स्कूल कहलाएंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज ‘स्कूल चलें हम’ अभियान 2025 के तहत राज्य-स्तरीय प्रवेशोत्सव का शुभारंभ शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में किया। यह कार्यक्रम शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में आयोजित किया था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, भगवान कृष्ण ने कंस को मारा यह सबको याद है, लेकिन स्कूल चलो अभियान की शुरुआत भी 5 हजार साल पहले ही हो गई थी। उन्होंने कंस के कुशासन का अंत किया। शिक्षा की महत्ता के आधार पर यह तय हुआ कि, श्री कृष्ण को शिक्षा के लिए आश्रम भेजना चाहिए। उन्हें उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में शिक्षा के लिए भेजा। इसी आश्रम में वे सुदामा से मिले। मुझे पता है आज के प्राइवेट स्कूल बहुत अच्छे हैं, लेकिन सरकारी स्कूल भी कम नहीं है। मैं खुद सरकारी स्कूल में पढ़ा। इससे किसी की प्रतिभा पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे अच्छे नेताओं में से हैं। वे गरीबी और अभावों में जिए। हमारे लिए वे उदहारण हैं। अब्दुल कलाम, राजेंद्र प्रसाद, लाला बहादुर शास्त्री ऐसे कई उदहारण है हमारे सामने। एमपी बोर्ड में इस साल 12 वीं पास जिन्होंने 75 से अधिक प्रतिशत लाए, ऐसे 90 हजार विद्यार्थी हैं। उन्हें लैपटॉप भी दिया गया। सरकार ने इसके लिए 224 करोड़ रुपए की राशि दी। बच्चों को स्कूटी देने का कार्यक्रम भी हमने शुरू किया है। 12 वीं में टॉप करने वाले 7832 विद्यार्थियों को स्कूटी दी है। 4 लाख 75 हजार विद्यार्थियों को साईकिल भी दी गई है। मध्यप्रदेश में 274 सीएम राइज स्कूल में 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। इन विद्यालयों में शिक्षक 7500 से अधिक शिक्षक हंै।