इटारसी। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की संस्था बचपन बचाओ आंदोलन की सूचना पर चाइल्ड लाइन और जीआरपी ने यहां रेलवे स्टेशन पर एक दर्जन बच्चों को गुवाहाटी एक्सप्रेस से उतारा। उनको सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया जहां दिनभर चली काउंसिलिंग के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया।
दरअसल, इन बच्चों को बिहार से मुंबई मजदूरी के लिए ले जाने का संदेह था। कुछ बच्चों के साथ उनके परिजन भी थे। इटारसी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, चाइल्ड लाइन की टीम ने इटारसी में ट्रेन के अलग-अलग कोच में बच्चों की तलाश की। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक बीएस चौहान ने बताया 12 नाबालिग बच्चों को उतारा था। कुछ के साथ उनके परिजन भी थे। सभी को सीडब्ल्यूसी में सभी बच्चों को पेश किया है। रात 8 बजे बच्चों को काउंसलिंग के बाद परिजन को सौंपा। टीम में जीआरपी टीआई बीएस चौहान, एएसआई अनिता दास, रेलवे चाइल्ड लाइन से सुनील दीक्षित सहित टीम के सदस्य शामिल रहे।
गोवाहाटी एक्सप्रेस से मुंबई ले जाये जा रहे बिहार के 12 नाबालिगों को यहां इटारसी में उतारा गया था। ये सभी बिहार के कटिहार, किशनगंज व अन्य जिले के हैं। जीआरपी ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) पेश किया। सभी बच्चों की काउंसलिंग के बाद बच्चों को उनके अभिभावकों को सौंप दिया है।
मजदूरी के लिए ले जाये जा रहे बिहार के बच्चे ट्रेन से उतारे

Rohit Nage
Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.
For Feedback - info[@]narmadanchal.com






