इटारसी। शहर के बचपन प्ले स्कूल में दीवाली का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक उमंग के साथ मनाया गया। नन्हें-मुन्नों के उत्साह ने पूरे स्कूल प्रांगण को दीवाली की खुशियों से सराबोर कर दिया।
परंपरा और पकवान का ज्ञान
प्ले ग्रुप, नर्सरी और एलकेजी के जिज्ञासु बच्चों को भारतीय पर्वों के ‘पकवान कल्चर’ से परिचित कराया गया। इसका सबसे मनमोहक हिस्सा रहा, जब टीचर्स ने बच्चों को अपनी देखरेख में बेसन के स्वादिष्ट लड्डू बनाना सिखाया। बच्चों ने इस गतिविधि में खूब मजा लिया और भारतीय परंपरा के स्वाद को समझा।
सृजन और कला का संगम



उत्सव के दौरान एक विशेष ‘आर्ट एंड क्राफ्ट सेशन’ का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने अपने नन्हें हाथों से दीवाली के लिए सुंदर दीये, शुभ-लाभ, और तोरण बनाना सीखा और खुद भी तैयार किए। इन कलाकृतियों ने बच्चों की रचनात्मकता को नई उड़ान दी।
पौराणिक मंचन ने बांधा समां

दीवाली के मूल महत्व को दर्शाते हुए, बच्चों ने भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या वापसी का मनमोहक मंचन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, पारंपरिक रीति से लक्ष्मीपूजन का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बच्चों ने इस दौरान अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मनमोहक नृत्य और कविताएं भी प्रस्तुत कीं।
खुशियों का साझा और शुभकामनाएं
शिक्षिकाओं ने बच्चों को दीवाली के पांचों दिनों धनतेरस से भाई दूज का अलग-अलग महत्व विस्तार से समझाया। बच्चों के साथ सुरक्षित रूप से फुलझड़ी जलाकर त्योहार की खुशियां मनाई गईं। कार्यक्रम के अंत में मिष्ठान वितरण किया और सभी ने एक-दूसरे को इस सबसे बड़े पर्व की बधाई दी।
इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर दीपक दुगाया और स्कूल हेड सुश्री मंजू ठाकुर ने उपस्थित रहकर बच्चों को दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस त्योहार के सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन टीचर अनम खान ने किया।









