इटारसी। विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त की योजनानुसार सरस्वती शिशु उच्च माध्यमिक विद्यालय, मालवीय गंज, इटारसी में ‘सप्त शक्ति संगम’ का आयोजन उत्साह से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। शिशु वाटिका प्रभारी श्रीमती रजनी मालवीय ने अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया। श्रीमती पूनम विश्वकर्मा, श्रीमती सुरेखा शर्मा, श्रीमती ममता श्रीवास्तव एवं श्रीमती मनीषा सोनार ने अतिथियों का श्रीफल एवं तिलक के साथ स्वागत किया। तत्पश्चात सुश्री प्रीति मालवीय ने भूमिका प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया।
मुख्य वक्ता श्रीमती सत्यकीर्ति राणे, दुर्गा वाहिनी की पूर्व प्रान्त संयोजिका एवं वर्तमान में महिला समन्वय एवं स्त्री विमर्श प्रान्त संयोजिका, ने उपस्थित मातृशक्ति को ‘कुटुंब प्रबोधन’ विषय पर कहा कि घर ही राष्ट्र की पहली प्रयोगशाला है, जहां मां अपने आचरण और संस्कारों से भावी पीढ़ी का निर्माण करती है। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार में संवाद, संस्कार और स्नेह का वातावरण बनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की आधारशिला रखें।
मुख्य अतिथि श्रीमती ममता मालवीय ने भी अपने विचार साझा किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की प्रबंधक एवं विद्यालय की पूर्व छात्रा श्रीमती विनीता चोलकर ने भारतीय पारिवारिक व्यवस्था में मातृशक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए अपनी बात रखी। विद्यालय की छात्राओं ने राजमाता जीजाबाई, सावित्रीबाई फुले, महारानी लक्ष्मीबाई, देवी अहिल्या बाई होलकर, रानी चेन्नम्मा सहित भारत की प्रेरणादायी नारियों के जीवन संदेशों को नाट्य अभिनय के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में उपस्थित माताओं ने अपने अनुभव साझा किये। अतिथियों को स्मृतिचिन्ह से सम्मानित किया। सुश्री चांदनी यादव ने आभार व्यक्त किया तथा श्रीमती शीतल मालवीय ने सभी माताओं को संकल्प दिलाया। शांति मंत्र के उच्चारण एवं अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।








