सभी राजनैतिक दल आदर्श आचरण संहिता का पालन करें

सभी राजनैतिक दल आदर्श आचरण संहिता का पालन करें

– जिला निर्वाचन अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने ली जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक

नर्मदापुरम। विधानसभा निर्वाचन 2023 (Assembly Election 2023) के लिये निर्वाचन आयोग द्वारा कार्यक्रम घोषित करने के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता लागू कर दी गई है। आदर्श आचरण संहिता राज्य शासन, राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों के लिये लागू होगी।

सोमवार को कलेक्ट्रेट (Collectorate) में आयोजित जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमिटी (District Level Standing Committee) की बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नीरज कुमार सिंह (Neeraj Kumar Singh) ने बताया कि सभी राजनैतिक दलों को आदर्श आचरण संहिता का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई आदर्श आचरण संहिता के अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही विधानसभा निर्वाचन की आदर्श आचरण संहिता सम्पूर्ण जिले में लागू हो गयी है, जो जो निर्वाचन संपन्न होने की तिथि 05 दिसंबर तक लागू रहेगी। निर्वाचन प्रक्रिया के सभी सहभागी इसके अधीन कार्य करेंगे एवं इससे सभी राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों को निर्वाचन लडऩे के समान अवसर प्राप्त होंगे। सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक संगठन भी अपने कार्यक्रमों में किसी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी के प्रचार नहीं करेंगे न ही किसी दल या अभ्यर्थी के पक्ष में अपील जारी करेंगे।

निर्वाचन प्रचार अभियान को उच्च स्तर पर बनाये रखा जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन पर कोई आक्षेप नहीं लगाया जाना चाहिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ गुरकरन सिंह (Dr. Gurkaran Singh),जिला पंचायत सीईओ एसएस रावत (SS Rawat), उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह (Devendra Kumar Singh), नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर पंकज दुबे (Pankaj Dubey) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। आदर्श आचरण संहिता की अपेक्षाएं संपूर्ण निर्वाचन अभियान के दौरान राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों से नैतिकता एवं शुचिता के उच्चतम स्तर को बनाये रखे जाने की अपेक्षा है। भ्रष्ट आचरण और निर्वाचन अपराधों से सम्बंधित निर्वाचन विधि के वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन निर्वाचन के सुचारू संचालन की प्रक्रिया को बाधित करता है। राजनैतिक दलों- अभ्यर्थी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा इस तरह के किसी भी भ्रष्ट आचरण और निर्वाचन अपराधों का कृत्य न केवल कानूनी कार्यवाहियों को आमंत्रित कर सकता है वरन अभ्यर्थी के निर्वाचन को रद्द भी करा सकता है। ऐसी गतिविधि में लिप्तता विभिन्न जातियों और समुदायों के बीच आपसी द्वेष या तनाव पैदा कर सकती है।

चुनाव प्रचार के लिए मंच के रूप धार्मिक स्थलों के उपयोगों और मत हासिल करने के लिए जातिगत या सांप्रदायिक भावना की अपील करना, मतदाताओं को रिश्वत देना, मतदाताओं को धमकाना, मतदान के दिन और 48 घंटे से पहले शराब परोसना या वितरित करना, मतदाताओं का प्रतिरूपण, मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार साइलेंस पीरियड के 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक बैठकों का आयोजन आदि निर्वाचन अपराध एवं भ्रष्ट्र आचरण के संबंध में विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक दल व्यक्तिगत आलोचना न करें, अंतिम 48 घंटों की अवधि में किसी भी सभा, रैली, जुलुस आदि का आयोजन न करें शासकीय एवं सार्वजानिक संपत्तियों का विरूपण न करें। मतदान दिवस के दिन मतदान केंद्र के 100 मीटर की परिधि में प्रचार ना करें। मतदाताओं को रिश्वत / उपहार या अन्य प्रलोभनों से अपने पक्ष में मतदान हेतु बाध्य न करें। जातीय, धार्मिक, साम्प्रदायिक आधार पर मतों की अपील न करें। धार्मिक स्थलों का दुरूपयोग न करें।

निर्वाचन प्रचार अभियान में रूष्टष्ट के प्रावधानों, विद्यमान कानूनों, आयोग के निर्देशों का उल्लंघन न करें। नाम निर्देशन पत्र के संबंध में बताया गया कि अधिसूचित 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर को (सार्वजानिक अवकाश छोड़कर) प्रात: 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लिए जाएंगे। एक अभ्यर्थी द्वारा एक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अधिकतम 4 नाम निर्देशन पत्र भर सकता है। एक अभ्यर्थी द्वारा 2 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नामांकन नहीं किया जाएगा। इस दौरान RO /ARO office के 100 मीटर परिधि में अधिकतम 3 वाहन RO /ARO के कक्ष में अभ्यर्थी सहित अधिकतम 5 व्यक्तियों का प्रवेश कर सकेंगे।

CATEGORIES
Share This

AUTHORRohit

error: Content is protected !!